नयी दिल्ली, पांच अप्रैल स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने शनिवार को आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (एयूडी) के प्रशासन पर अपने तीन सदस्यों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
एसएफआई के इन छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धौंस जमाने की घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस प्रकरण में धौंस जमाने के आरोपी सहित 11 छात्रों को निलंबित कर दिया था।
एसएफआई का कहना है कि अधिकांश आरोपी छात्रों का निलंबन रद्द कर दिया गया है, लेकिन विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले एसएफआई के तीन छात्रों के कक्षाओं में भाग लेने पर अब भी रोक है।
एयूडी प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई)-दिल्ली ने कहा कि करमपुरा परिसर के छात्रों नादिया, अनन बिजो और हर्ष चौधरी को दो सेमेस्टर के लिए निलंबित कर दिया गया क्योंकि उन्होंने एक साथी छात्र द्वारा आत्महत्या के प्रयास की घटना के संबंध में कार्रवाई की मांग की थी।
एसएफआई-दिल्ली के अध्यक्ष सोराज एलमोन ने कहा, ‘‘एयूडी में छात्रों की आवाज को दबाना कोई अकेली घटना नहीं है। हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (एचसीयू) से लेकर टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (टीआईएसएस) तक, जेएनयू से लेकर एयूडी तक, हम छात्र सक्रियता के खिलाफ व्यापक कार्रवाई देख रहे हैं। ’’
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