Unlock 5.0: कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित सर्कस अब ऑनलाइन शुरू
देश के प्रसिद्ध 'रैम्बो सर्कस' के प्रमुख हास्य कलाकार 51 वर्षीय बीजू पुष्करण और उनके साथ काम करनेवाले 100 से ज्यादा कलाकारों के लिए कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए लागू बंद अपने साथ हताशा और निराशा का दौर लेकर आया और इन्हें अपने टेंट को समेटकर रख देना पड़ा. ऑनलाइन सर्कस 60 मिनट का होता है.
पुणे, 3 अक्टूबर: देश के प्रसिद्ध 'रैम्बो सर्कस' (Rambo Circus) के प्रमुख हास्य कलाकार 51 वर्षीय बीजू पुष्करण और उनके साथ काम करनेवाले 100 से ज्यादा कलाकारों के लिए कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) को रोकने के लिए लागू बंद अपने साथ हताशा और निराशा का दौर लेकर आया और इन्हें अपने टेंट को समेटकर रख देना पड़ा. लेकिन छह महीने के बाद इनके चेहरे पर मुस्कान लौट रही है क्योंकि सर्कस अब ऑनलाइन हो गया और 25 सितंबर इन्होंने अपना पहला ऑनलाइन शो भी आयोजित कर दिया. सर्कस के सदस्यों का कहना है कि बंद के दौरान वह निराश हो गए थे लेकिन अब ऑनलाइन शो की वजह से सर्कस को जीवन मिल गया है.
अब वे पहले शो को रिकॉर्ड करते हैं और फिर दर्शकों के सामने पेश करते हैं. हालांकि कलाकारों, खास तौर पर जोकरों का कहना है कि वे सर्कस से दोबारा जुड़कर खुश तो हैं लेकिन लाइव शो के दौरान होने वाली मस्ती की उन्हें याद सताती है क्योंकि इस दौरान बच्चे उनसे गले मिलते थे और सेल्फी लेते थे. ये कलाकार 'लाइफ इज ए सर्कस' के विशेष फंडरेजिंग शो (धन जुटाने का विशेष शो) को मिली प्रतिक्रिया से बेहद खुश हैं.
उन्होंने यह शो 'लक्ष्य लाइव एक्सपीरियेंसेज' और 'प्रोडक्शन क्रू एंटरटेनमेंट' के साथ मिलकर आयोजित किया और अब वे इस तरह के और शो का आयोजन निकट भविष्य में करने की योजना बना रहे हैं. पुष्करण ने कहा, "लॉकडाउन जब लगा था तो हमने सोचा कि यह कुछ समय के लिए है लेकिन जैसे-जैसे महामारी का खतरा बढ़ता गया वैसे ही लॉकडाउन भी बढ़ने लगा. हमारे कलाकार नवी मुंबई के ऐरोली में फंस गए और वह खाने और आय से जुड़ी समस्याओं का सामना करने लगे."
उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं और सामाजिक समूहों ने मदद का हाथ बढ़ाया जिससे वे मुश्किल वक्त गुजार पाए. उन्होने कहा, "मैं यहां महाराष्ट्र में था, जबकि मेरी पत्नी और बच्चों समेत मेरा परिवार केरल में रह रहा था और वो भी कठिन समय का सामना कर रहे थे, ऐसे में मेरे पास जो भी पैसे थे, वो मुझे उन्हें भेजना पड़ा." उन्होंने बताया कि ऑनलाइन शो के लिए पहले दिन की शूटिंग काफी मुश्किल रही. वह कैमरे के सामने ठहर से गए. उन्होंने कहा, "निर्देशक ने मुझे पूछा कि क्या हुआ, तो मैंने कहा कि मैं बच्चों के साथ गले लगने, सेल्फी लेने और नाचने को बहुत याद कर रहा हूं क्योंकि सर्कस के दौरान यह सब होता था."
पुष्करण 21 साल से सर्कस में जोकर की भूमिका निभाते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह पहले ऑनलाइन शो के बाद से खुश हैं क्योंकि उन्होंने देखा कि बच्चे उनके लिए प्लेकार्ड पर ' वी लव रैम्बो सर्कस' लिखकर बैठे हैं. ऑनलाइन शो में 'मीट एंड ग्रीट' (मिलना-जुलना) का भी एक समय तय है जहां सर्कस के जोकर और कलाकार बच्चों से ऑनलाइन मिलते हैं. रैम्बो सर्कस के मालिक सुजीत दिलीप ने कहा कि यह उनके लिए काफी मु्श्किल भरा समय था क्योंकि 2019 में पुणे और मुंबई में भारी बारिश की वजह से भी शो प्रभावित रहा था. ऑनलाइन सर्कस 60 मिनट का होता है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 03, 2020 01:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

