भुवनेश्वर, चार अप्रैल बीजू जनता दल (बीजद) के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर पार्टी के रुख में अचानक बदलाव को लेकर शुक्रवार को चिंता जाहिर की और कहा कि वे पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के समक्ष यह मुद्दा उठाएंगे।
राज्यसभा में बृहस्पतिवार देर रात वक्फ विधेयक को मंजूरी दिए जाने के कुछ घंटे बाद ओडिशा विधानसभा में बीजद के उपनेता प्रसन्ना आचार्य, पूर्व मंत्री भूपिंदर सिंह, अशोक पांडा, पूर्व सांसद चंद्रशेखर साहू और अन्य नेताओं ने पार्टी मुख्यालय शंख भवन में बैठक की और वक्फ विधेयक पर बीजद के रुख में बदलाव के मुद्दे पर चर्चा की।
दिलचस्प है कि राज्यसभा में वक्फ विधेयक पर मतदान से एक दिन पहले पार्टी ने कहा था कि वह इसके खिलाफ मतदान करेगी।
बीजद के राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय प्रवक्ता सस्मित पात्रा ने कहा कि उन्होंने वक्फ विधेयक के पक्ष में मतदान किया क्योंकि पार्टी ने इस मुद्दे पर कोई व्हिप जारी नहीं किया था।
पात्रा ने दावा किया कि उन्हें नहीं पता कि पार्टी के छह अन्य सांसदों ने भी विधेयक के समर्थन में मतदान किया है या नहीं।
बीजद के राज्यसभा में सात सदस्य हैं और लोकसभा में उसके एक भी सदस्य नहीं हैं।
पात्रा ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘मैं दूसरों के बारे में नहीं बता सकता, लेकिन मैंने विधेयक के समर्थन में मतदान किया है।’’
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