देश की खबरें | वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता शंकरैया का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ

चेन्नई, 16 नवंबर स्वतंत्रता सेनानी और बुजुर्ग मार्क्सवादी नेता एन. शंकरैया का बृहस्पतिवार को चेन्नई के बेसेंट नगर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अनुभवी नेता युवा पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत रहे हैं और अपने जीवनकाल में ही एक किवंदती बन गये थे।

शंकरैया के पार्थिव शरीर को कार्यकर्ताओं और आम लोगों के दर्शन के लिए पार्टी कार्यालय में रखा गया और बाद में उन्हें बेसेंट नगर श्मशान घाट ले जाया गया, जहां एक पुलिस-उपनिरीक्षक के नेतृत्व में 10 पुलिसकर्मियों ने 101 वर्षीय नेता के सम्मान में 30 राउंड गोलियां चलाई।

शंकरैया को 2021 में राज्य सरकार द्वारा 10 लाख रुपये की राशि के साथ थगैसल तमिलर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हालांकि उन्होंने पूरी राशि को राज्य सरकार को उसके कोविड-19 राहत कोष में दे दिया था।

उनका जन्म 15 जुलाई 1922 को तमिलनाडु के कोविलपट्टी में हुआ था। जब वे मदुरै के अमेरिकन कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई कर रहे थे, तब उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और छात्रों को संगठित किया।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने पांच साल जेल में बिताए तथा आजादी के बाद लोगों के मुद्दों को उठाने को लेकर वह चार साल जेल में रहे।

शंकरैया, माकपा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और 1995 से 2002 तक तमिलनाडु समिति के राज्य सचिव रहे।

येचुरी ने कहा, "मैं यहां कॉमरेड एन. शंकरैया को श्रद्धांजलि और लाल सलाम करने आया हूं। वह न केवल तमिलनाडु में कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापकों में से एक थे, बल्कि उन लोगों में से एक थे जिन्होंने माकपा की नींव रखी थी।"

उन्होंने कहा, शंकरैया का जीवन निरंतर संघर्षपूर्ण रहा है और वह युवा पीढ़ी के लिए एक उदाहरण हैं।

येचुरी ने संवाददाताओं से कहा, "एक सदी से भी अधिक समय से वह मेरे सहित कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं और वह अपने जीवनकाल में एक किंवदंती बन गए। उनकी विरासत जारी रहेगी।"

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