इस बीच, तख्तापलट के खिलाफ देशभर में अब भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
ह्तीन ने सोमवार को हुए तख्तापलट के खिलाफ लोगों से अवज्ञा आंदोलन करने का आह्वान किया था।
सू ची की पार्टी ‘नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी’ के प्रवक्ता क्यी तो ने शुक्रवार को अपने फेसबुक पेज पर कहा कि 79 वर्षीय ह्तीन को यंगून स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया और उन्हें राजधानी नेपीता ले जाया गया है।
‘असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स’ नामक संगठन के अनुसार सेना ने कम से कम 133 अधिकारियों या सांसदों तथा नागरिक समाज से जुड़े 14 लोगों को हिरासत में लिया है।
ह्तीन ने शुक्रवार सुबह बीबीसी रेडियो से कहा कि उन्हें राजद्रोह के आरोप में हिरासत में लिया जा रहा है जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे (सैन्य शासन) मेरी बात को पसंद नहीं करते। वे मेरी बात से भयभीत हैं।’’
सेना के कदम के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच चिकित्साकर्मियों ने घोषणा की है कि वे सैन्य सरकार के लिए काम नहीं करेंगे। बृहस्पतिवार को हजारों लोगों ने राजधानी नेपीता में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन किया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY