देश की खबरें | वरिष्ठ चिकित्सकों ने सामूहिक आकस्मिक अवकाश लिया, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सकों ने सोमवार को सामूहिक आकस्मिक अवकाश ले लिया। ऐसे में नगर निकायों द्वारा संचालित अस्पतालों में चिकित्सकों के लंबित वेतन को लेकर संकट और गहरा सकता है क्योंकि फिलहाल कोई समाधान नजर नहीं आ रहा।

म्युनिसिपल कॉरपोरेशन डॉक्टर्स एसोसिएशन (एमसीडीए) के अध्यक्ष आर आर गौतम ने कहा, “अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो कल से हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।” एमसीडीए निकाय के अस्पतालों के वरिष्ठ स्थायी चिकित्सकों का संघ है जिसकी स्थापना 1974 में हुई थी और उसके करीब 1200 सदस्य हैं। इसमें दो अन्य नगर निगमों द्वारा संचालित अस्पतालों के चिकित्सक भी शामिल हैं।

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एमसीडीए ने शनिवार को आगाह किया था कि अगर पिछले तीन महीने का बकाया वेतन जारी नहीं किया गया तो उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) अस्पतालों के उसके सदस्य सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेंगे।

उसने कहा था कि संघ ने पहले ही संबंधित अधिकारियों को मुद्दे के समाधान और वेतन के भुगतान के लिये पर्याप्त समय दिया था, “लेकिन उन्होंने समस्या के समाधान के लिये कुछ भी नहीं किया और इसके बजाय वे चिकित्सकों की पीड़ा से बिल्कुल भी प्रभावित नहीं दिखे।”

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संस्था ने हाल में एक बयान जारी कर अपने बकाए वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हिंदूराव अस्पताल और कस्तूरबा अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ एकजुटता व्यक्त की थी। दोनों ही अस्पताल एनडीएमसी द्वारा संचालित किये जाते हैं।

एमसीडीए ने हाल में 19 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी थी लेकिन “जनहित” में हड़ताल का फैसला टालने का फैसला किया।

एमसीडीए के महासचिव मारुति सिन्हा ने कहा था कि संघ ने शनिवार को एक आपात आमसभा में “सर्वसम्मति से पिछले तीन महीने के हमारे बकाये वेतन के विरोध में प्रदर्शन करने का फैसला किया था।”

एमसीडीए ने बयान में कहा, “आमसभा की बैठक में पहला फैसला सभी वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा सोमवार को सामूहिक आकस्मिक अवकाश का था। रेजिडेंट डॉक्टरों समेत सभी चिकित्सकों की सोमवार तक तनख्वाह जारी नहीं होती है तो मंगलवार से सभी वरिष्ठ चिकित्सक अनिश्चितकाल के लिये पूर्ण हड़ताल पर जाएंगे। इसके अलावा एमसीडी स्वास्थ्य सेवाओं को केंद्र को सौंपे जाने जैसे स्थायी समाधान पर भी ध्यान दिये जाने को लेकर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई थी।”

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