मुंबई, 16 सितंबर इलेक्ट्रानिक्स, रक्षा उपकरण, औषधि समेत अन्य क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता से देश में 186 अरब डॉलर के आयात पर अंकुश लगेगा। भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक) के एक अध्ययन में यह कहा गया है।
‘आत्मनिर्भर भारत: दृष्टिकोण और ध्यान देने वाले रणनीतिक क्षेत्र’ शीर्षक से जारी अध्ययन रिपोर्ट में इसके अलावा आयात प्रतिस्थापन और घरेलू उत्पादन बढ़ाने के जिन अन्य क्षेत्रों की पहचान की गयी है, उनमें मशीनरी, रसायन और संबद्ध क्षेत्र शामिल हैं।
अध्ययन में वाहन कल-पुर्जे और लोहा एवं इस्पात क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में हालांकि व्यापार अधिशेष की स्थिति है, लेकिन कुछ श्रेणियों में खासकर चीन के मामले में व्यापार घाटा है।
इसमें दुर्लभ खनिज पदार्थों को भी शामिल किया गया है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ये खनिज देश को उच्च प्रौद्योगिकी विनिर्माण के रास्ते पर ले जाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
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इसमें कहा गया है, ‘‘देश में इन क्षेत्रों की आयात में हिस्सेदारी 186 अरब डॉलर है। कुल आयात में इनकी करीब 39 प्रतिशत और गैर-तेल आयात में 50 प्रतिशत है।’’
एक्जिम बैंक के वेबिनार (इंटरनेट के जरिये आयोजित सेमिनार) में वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव के. राजारमण ने यह अध्ययन जारी किया।
अध्ययन के अनुसार, देश में विनिर्माण क्षेत्र का हालिया प्रदर्शन जड़ता का संकेत देता है। देश में मजबूत और निजी उपभोग की बढ़ती मांग के बावजूद देश के सकल मूल्य वर्धन में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी 2019-20 में घटकर 15.1 प्रतिशत हो गयी, जबकि 2010-11 में यह 18.4 प्रतिशत थी।
इसमें कहा गया, ‘‘घरेलू विनिर्माण क्षेत्र की इस कमजोरी के कारण बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिये आयात पर निर्भरता बढ़ी है।’’
अध्ययन में आयात पर निर्भरता कम करने के लिये क्षेत्र केंद्रित रणनीतियों की सिफारिश की गयी है।
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