देश की खबरें | पेड़ों को हुए नुकसान के संबंध में दाखिल अवमानना याचिका पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, आठ अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली पुलिस के विभिन्न अधिकारियों से एक याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें रोहिणी इलाके में एक सड़क पर निर्माण गतिविधियों के दौरान पेड़ों को हुए कथित नुकसान के लिए अवमानना कार्रवाई शुरू करने की अपील की गई है।

न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने 'न्यू डेल्ही नेचर सोसाइटी' की अवमानना याचिका पर पीडब्ल्यूडी के मुख्य इंजीनियर और सचिव, दिल्ली पुलिस के उपायुक्त, संबंधित थानाधिकारी और वृक्षों की देखरेख में शामिल अधिकारी से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मामले में वृक्षों के संरक्षण से संबंधित न्यायिक आदेशों की जानबूझकर अवज्ञा की गई है।

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा दी गई तस्वीरों में एक पेड़ की जड़ों पर कंक्रीट पड़ा हुआ दिख रहा है। अदालत ने इस पर अधिकारियों का जवाब मांगा।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता आदित्य एन प्रसाद ने कहा कि रोहिणी में के एन काटजू मार्ग पर ''खुदाई का काम'' जारी है और अधिकारी इस दौरान पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

वृक्षों की देखरेख से संबंधित अधिकारी की ओर से पेश अधिवक्ता शादान फरासत ने कहा कि वह याचिकाकर्ता से सहमत हैं और वर्तमान स्थिति अस्वीकार्य है।

उन्होंने बताया कि वृक्षों की देखरेख से संबंधित अधिकारी ने पीडब्ल्यूडी पर जुर्माना भी लगाया है।

अदालत ने पूछा, ''आप कब तक जुर्माना लगाते रहेंगे। तीन-चार (अवमानना) याचिकाएं लंबित हैं... कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है।''

संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि मामले में अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी।

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