देश की खबरें | सफर परियोजना में अनियमितताओं के लिए आईआईटीएम वैज्ञानिक के खिलाफ दूसरी प्राथमिकी

नयी दिल्ली, 28 अगस्त केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वायु गुणवत्ता और मौसम की जानकारी प्रदर्शित करने के लिए अत्यधिक दरों पर चीन निर्मित एलईडी बोर्ड को मंजूरी देने के आरोप में आईआईटीएम-पुणे के वैज्ञानिक गुरफान बेग और अन्य के खिलाफ दूसरी प्राथमिकी दर्ज की है। ये एलईडी बोर्ड अहमदाबाद में लगाये जाने हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

बेग के खिलाफ इससे पहले ऐसे एलईडी बोर्ड से संबंधित एक अलग मामले में आरोपपत्र दायर किया गया था, जिन्हें पुणे में लगाया जाना है। मामले से आरोपमुक्त करने की बेग की याचिका हाल ही में एक विशेष अदालत ने खारिज कर दी थी।

अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में दायर नया मामला अहमदाबाद में एलईडी बोर्ड लगाने से संबंधित है।

एजेंसी ने आरोप लगाया है कि बेग और भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के अन्य अज्ञात अधिकारियों ने वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान प्रणाली, अहमदाबाद (सफर-अहमदाबाद) के लिए परियोजना के तहत डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम (डीडीएस) की स्थापना के लिए निविदा के नियमों एवं शर्तों और वस्तुओं की आवश्यक विशिष्टताओं को कमजोर किया था।

उन्होंने कहा कि 12 एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, चार इनडोर एलईडी डिस्प्ले की आपूर्ति, मरम्मत और लगाने के साथ-साथ पांच साल के लिए संचालन और रखरखाव अनुबंध के लिए निविदा मुंबई स्थित वीडियो वॉल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी।

यह भी आरोप है कि वीडियो वॉल इंडिया के निदेशक अनिल गिरकर ने धोखे से दावा किया कि उनकी कंपनी बोर्ड की मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) है। आरोप है कि हालाँकि, उन्होंने चीन से पैनल आयात किए और उन्हें आईआईटीएम को आपूर्ति के लिए असेम्बल किया। बोर्ड निविदा में दिए गए विनिर्देशों को कथित तौर पर पूरा नहीं करते।

सीबीआई की प्राथमिकी में बेग के साथ गिरकर और वीडियो वॉल इंडिया भी आरोपी हैं।

सीबीआई के मुताबिक, जो बोर्ड 4.50 लाख रुपये प्रति नग (पीस) की दर से 54 लाख रुपये में आयात किए गए थे, उनकी 14.70 लाख रुपये प्रति नग की दर से 1.76 करोड़ रुपये में आपूर्ति की गयी।

सीबीआई ने 2021 में सफर-पुणे परियोजना के लिए बोर्ड आपूर्ति के समान आरोपों में बेग और गिरकर के खिलाफ पहले ही आरोपपत्र दायर किया हुआ है।

एजेंसी ने आरोपपत्र में आरोप लगाया था कि बेग ने तकनीकी मूल्यांकन समिति का अध्यक्ष होने के नाते बोली पूर्व शर्तों को कमजोर किया।

एक विशेष अदालत ने हाल ही में मामले से आरोपमुक्त किए जाने के बेग के अनुरोध को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसके खिलाफ मुकदमे को आगे बढ़ाने के लिए "गंभीर संदेह और पर्याप्त आधार प्रतीत होता है।’’

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