डिब्रूगढ़, पांच फरवरी डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय साहित्य उत्सव (डीयू लिटफेस्ट) का दूसरा संस्करण बुधवार को यहां शुरू हो गया।
चार दिवसीय साहित्य उत्सव के दौरान 50 से अधिक सत्रों में 120 से अधिक लेखक भाग लेंगे।
लेखक टेटे-मिशेल कोपोमासी (84) ने रंग घर सभागार में उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पश्चिम अफ्रीका के टोगो में अपनी मातृभूमि से बहुत दूर ग्रीनलैंड पहुंचने की अपनी यात्रा का भी जिक्र किया।
डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जितेन हजारिका ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय में साहित्यिक उत्सव के आयोजन की पहल करने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने विश्वविद्यालय के हीरक जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित होने वाले इस उत्सव पर भी प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2022 की भावना को दर्शाता है, जिसमें कला और संस्कृति पर अधिक ध्यान दिया गया है। साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. नागेन सैकिया ने अपने संबोधन में मानव जीवन के लौकिक अस्तित्व को समझने के महत्व पर प्रकाश डाला।
फाउंडेशन फॉर कल्चर, आर्ट्स एंड लिटरेचर (एफओसीएएल) और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस साहित्य उत्सव में एशिया, अफ्रीका और यूरोप के 25 से अधिक देशों के लेखक भाग ले रहे हैं।
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