लेह, 22 अप्रैल ईरान से लौटे तीर्थयात्रियों में से 225 लोगों का दूसरा जत्था भारतीय वायु सेना के एक विशेष विमान से बुधवार को यहां पहुंचा।
अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
लदाख पहुंचने से पहले इन तीर्थयात्रियों को राजस्थान में पृथकवास में रखा गया था।
अधिकारियों ने बताया कि वापस आए लोगों में से 208 करगिल के निवासी हैं और 17 लेह के रहने वाले हैं।
इन्हें जोधपुर से विमान के जरिये लेह लाया गया जहां हवाई अड्डे पर इनकी चिकित्सीय जांच की गई।
ईरान में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण इन तीर्थयात्रियों को वहां से विशेष विमान से 25 मार्च को स्वदेश लाया गया था और राजस्थान में पृथकवास में रखा गया था।
दो दिन में लदाख केंद्र शासित क्षेत्र में पहुंचाए गए तीर्थयात्रियों का यह दूसरा जत्था है।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश स्थित हिंडन से 57 तीर्थयात्रियों को विमान के जरिये करगिल लाया गया था।
हालांकि, वापस आए तीर्थयात्रियों को 14 दिन के लिए लेह और करगिल में एहतियात के तौर पर पृथकवास में रखा जाएगा।
लदाख के निवासी छह सौ तीर्थयात्रियों को मार्च में ईरान से निकाल कर लाया गया था।
ईरान में अभी भी तीन सौ तीर्थयात्री फंसे हुए हैं और उनमें से 250 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।
इस बीच भाजपा नेता और लदाख से सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल ने तीर्थयात्रियों के लौटने का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा, “इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करगिल से कन्याकुमारी तक सुशासन का पता चलता है।”
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