जरुरी जानकारी | सेबी ने महत्वपूर्ण जानकारी के खुलासे को लेकर सख्त समयसीमा तय की

नयी दिल्ली, 13 जुलाई पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों के लिये महत्वपूर्ण घटनाओं या जरूरी सूचना के खुलासे के लिये ‘सख्त समयसीमा’ का प्रावधान किया है। साथ ही कंपनी के शेयर की कीमतों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मामलों के निर्धारण के लिये मानदंड भी जारी किये हैं।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बुधवार को जारी एक परिपत्र में कहा कि नया विधान 15 जुलाई से प्रभावी होगा।

नियामक ने इस व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध कंपनियों को परिवार के बीच उन निपटान समझौतों का खुलासा करने के लिये कहा है, जो शेयर बाजार के लिये ऐसी कंपनियों के प्रबंधन और नियंत्रण को प्रभावित कर सकते हैं। यदि कोई सूचीबद्ध इकाई एक पक्षकार है तो इन समझौतों का खुलासा 12 घंटों के भीतर किया जाना चाहिए। जहां सूचीबद्ध इकाई एक पक्ष नहीं है, वहां 24 घंटों के भीतर खुलासा किये जाने की जरूरत होगी।

इसके अलावा, सूचीबद्ध इकाई से जुड़ी घटनाओं या सूचनाओं के खुलासे के लिये समयसीमा 24 घंटे से घटाकर 12 घंटे कर दी गयी है। इन सूचनाओं में अधिग्रहण, प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद आदि से संबंधित मामले शामिल हैं,

निदेशक मंडल की बैठक में लिये गये निर्णय से जुड़ी जानकारी के मामले में खुलासा ऐसी बैठक के समापन से 30 मिनट के भीतर किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, सूचीबद्ध इकाई के मामले में बाहर से आने वाली जानकारी से जुड़े मामलों की सूचना का खुलासा करने के लिये 24 घंटे की समयसीमा तय की गई है। इसमें रेटिंग में संशोधन, सूचीबद्ध इकाई, प्रवर्तक, निदेशकों की धोखाधड़ी या चूक, बैंकों से लिये गये कर्ज के पुनर्गठन, बैंक के साथ एकमुश्त निपटान आदि शामिल हैं।

नियामक ने कंपनी के शेयर की कीमतों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मामलों के निर्धारण के लिये मानदंड भी जारी किये हैं।

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