सेबी ने कोविड-19 के मद्देनजर धन जुटाने में आसानी के लिए शेयर पुनर्खरीद नियम उदार किया
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नयी दिल्ली, 23 अप्रैल कोई कंपनी शेयर पुनर्खरीद की अवधि समाप्त होने के छह माह बाद नया निर्गम ला कर पूंजी जुटा सकेगी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर कंपनियों को शेयर पुनर्खरीद नियमों में ढील दी है।

नियामक ने बाय-बैक के बाद दोबारा प्रतिभूति बाजारों के जरिये पूंजी जुटाने पर समय की रोक को एक साल से घटाकर छह माह कर दिया है।

सेबी ने बृहस्पतिवार को एक सर्कुलर में कहा कि यह छूट 31 दिसंबर, 2020 तक लागू रहेगी।

सेबी ने कहा कि कंपनियों को पूंजी तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए शेयर पुनर्खरीद नियमनों में अंकुश की अवधि को घटा दिया गया है। नियामक ने कहा कि मौजूदा एक साल की अंकुश की अवधि को घटाकर छह माहकर दिया गया है।

सेबी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से जुड़े घटनाक्रमों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। इस बारे में अंशधारकों से कई सुझाव मिले थे।

इससे पहले इसी सप्ताह सेबी ने राइट्स इश्यू नियमों में ढील देते हुए न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी की अनिवार्यता को 250 करोड़ रुपये से घटाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया था।

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