कोलंबो, 31 अक्टूबर भारत और अमेरिका के चिंता जताने के बीच, चीन और श्रीलंका के वैज्ञानिक एक चीनी अनुसंधान पोत पर समुद्र विज्ञान संबंधी शोध कर रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
चीनी पोत ‘शी यान 6’ पिछले हफ्ते कोलंबो बंदरगाह पहुंचा था। सूत्रों के मुताबिक, भारत द्वारा आपत्तियां जताये जाने के चलते पोत के आगमन के लिए अनुमति देने में देर हुई। लेकिन इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कोलंबो में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘30 और 31 अक्टूबर को समुद्र विज्ञान संबंधी अनुसंधान करने के लिए अनुमति दी गई।’’
उन्होंने कहा कि पोत अभी पश्चिमी जल क्षेत्र में है।
राष्ट्रीय जलीय अनुसंधान एजेंसी (एनएआरए) के वैज्ञानिक, नौसेना कर्मी और रूहाना विश्वविद्यालय के विद्वानों को पोत पर जाने की अनुमति दी गई है।
एजेंसी के महानिदेशक डॉ कमल तेनाकून ने कहा कि पोत के जरिये कोलंबो में बेनतारा के पास अनुसंधान कार्य किया जा रहा है।
चीनी अनुसंधान पोत ने सोमवार को श्रीलंका के समुद्र में अनुसंधान शुरू किया।
इसे भूभौतिकीय अनुसंधान के लिए चीन का पहला वैज्ञानिक अनुसंधान पोत बताया जा रहा है।
पिछले महीने, चीनी अनुसंधान पोत की प्रस्तावित यात्रा को लेकर अमेरिका ने श्रीलंका के समक्ष चिंता जताई थी।
हाल में, संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर न्यूयॉर्क में श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी से मुलाकात करने वाली अमेरिकी उप मंत्री विक्टोरिया नुलैंड ने पोत की यात्रा को लेकर कथित तौर पर चिंता जताई थी।
भारत, चीनी पोत की श्रीलंका यात्रा को लेकर चिंता जताता रहा है।
चीनी उपग्रह निगरानी पोत की 2022 की शुरूआत में इसी तरह की यात्रा को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
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