देश की खबरें | बूस्टर खुराक के लिए वैज्ञानिक तर्क का अध्ययन जारी, दोनों खुराक देना प्राथमिकता : सरकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए बूस्टर खुराक दिए जाने के वैज्ञानिक तर्क का अध्ययन किया जा रहा है, लेकिन प्राथमिकता दोनों खुराक के साथ पात्र आबादी का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना है।
नयी दिल्ली, दो दिसंबर सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए बूस्टर खुराक दिए जाने के वैज्ञानिक तर्क का अध्ययन किया जा रहा है, लेकिन प्राथमिकता दोनों खुराक के साथ पात्र आबादी का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना है।
केंद्र सरकार ने भारत में कोविड-19 के ओमीक्रोन स्वरूप के दो मामलों की पुष्टि की भी घोषणा की। संयुक्त सचिव(स्वास्थ्य) लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘बूस्टर खुराक के लिए वैज्ञानिक तर्क का अध्ययन जारी है कि आखिर किसी टीके के लिए यह कब देनी चाहिए।’’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘हमारी प्राथमिकता दोनों खुराक देकर पूर्ण टीकाकरण है और यही वह रणनीति है जिससे हमें सबसे ज्यादा फायदा होगा।’’
नए स्वरूप के मद्देनजर टीकाकरण के महत्व पर नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने कहा कि इस नयी चुनौती के बावजूद टीकाकरण सबसे प्रभावी औजार है। उन्होंने कहा, ‘‘हम भाग्यशाली हैं कि हमारे पास औजार (टीकाकरण) प्रचुर मात्रा में है और इसमें कोई संदेह नहीं है कि टीकों का कवरेज बढ़ाना होगा। बड़ी तस्वीर देखें, हमारे पास यह औजार है और हमें इस औजार के साथ प्रत्येक पात्र व्यक्ति की रक्षा करनी चाहिए।’’
पॉल ने कहा, ‘‘हमें दो खुराक से फायदा हुआ है और लोगों को दूसरी खुराक जल्द से जल्द मिलनी चाहिए। खुराक के बीच की अवधि पर निर्णय वैज्ञानिक डेटा और स्थानीय डेटा पर व्यवस्थित तरीके से आधारित है और वर्तमान अवधि में कोई बदलाव नहीं हुआ है।’’
टीका लेने के बाद संक्रमण के मामलों पर पॉल ने कहा, ‘‘हमें इस संबंध में कोई जोखिम नहीं दिखता है और समय-समय पर हम इस पर गौर करते हैं। अतीत में, हमने देखा है कि टीका लेने के बाद संक्रमण के मामलों की दर बहुत कम है। इस बारे में हम और अधिक जानकारी प्रदान करेंगे।’’
भारत में ओमीक्रोन से संक्रमित पाए गए लोगों के संपर्क का पता लगाने संबंधी दृष्टिकोण पर राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि सरकार तीन प्रकार के संपर्कों का पता लगा रही है - प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 02, 2021 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

