नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने यमुना नदी के निर्धारित घाटों पर छठ पूजा की मंजूरी दे दी है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से श्रद्धालुओं के लिए साफ घाट और पानी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। यह जानकारी उनके कार्यालय के सूत्रों ने बुधवार को दी।
सूत्रों ने कहा कि सक्सेना ने केजरीवाल को इस मुद्दे पर ‘‘भ्रामक और अपरिपक्व प्रचार’ करने के प्रति भी आगाह किया।
सूत्रों ने कहा कि कुछ दिन पहले केजरीवाल के एक ट्वीट ने कई लोगों को भ्रम में डाल दिया था जिन्हें लगा था कि यमुना नदी के किनारे छठ पूजा कहीं भी की जा सकती है।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘छठ पूजा करने की उपराज्यपाल द्वारा स्वीकृति यमुना पर निर्दिष्ट घाटों के लिए है।’’
सक्सेना ने राजस्व और पर्यावरण विभागों को यमुना प्रदूषण पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।
छठ व्यवस्था के लिए दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग नोडल एजेंसी है। यह छठ को सफल बनाने के लिए अन्य सरकारी विभागों और नागरिक एजेंसियों के साथ नजदीकी समन्वय में काम कर रहा है।
छठ 30 और 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इसके तहत महिलाएं उपवास करके घुटने तक पानी में खड़े होकर डूबते और उगते सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं। यह त्योहार दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचल-यानी बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
पूर्वांचली नेता एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद मनोज तिवारी ने अगस्त में उपराज्यपाल को एक पत्र लिख कर उनसे दिल्ली सरकार के अधिकारियों को यमुना के घाटों पर छठ पूजा की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश देने का आग्रह किया था। दिल्ली सरकार ने 1,100 स्थलों पर छठ पूजा की व्यवस्था की है।
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