सोमनाथ, 18 अप्रैल केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि 'सौराष्ट्र तमिल संगमम' एक ऐसा उत्सव है, जो विविधता में भारत की एकता का प्रतीक है और इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य केंद्र की 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के तहत देश के विभिन्न हिस्सों के बीच मौजूदा सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी, संगमम में भाग लेने के बाद बोल रहे थे। इसका उद्देश्य सौराष्ट्र के तमिल भाषी प्रवासियों को उनकी जड़ों से जोड़ना और गुजरात एवं दक्षिणी राज्य के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान में भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास करना है। दो सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन सोमवार को गुजरात के सोमनाथ में हुआ था।
कार्यक्रम के दूसरे दिन, पुरी ने गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल, वन मंत्री मुलुभाई बेरा और वित्तमंत्री कनुभाई देसाई के साथ तमिलनाडु के मेहमानों के साथ संवाद किया, जिनकी जड़ें पश्चिमी राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में हैं।
सौराष्ट्र तमिल समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए, पुरी ने कहा, ‘‘ऐसे आयोजन "राष्ट्रीय एकता" को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जहां विभिन्न क्षेत्रों के लोग एकसाथ आते हैं और अपने विचारों, साहित्य, संस्कृति और व्यंजनों का आदान-प्रदान करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के आयोजन 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के सपने को साकार करने में हमारी मदद करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी तमिल संगमम और सौराष्ट्र तमिल संगमम जैसे कार्यक्रमों का आयोजन करके राष्ट्रीय एकता के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के बीच संबंधों को मजबूत कर रहे हैं।’’
अपना खुद का उदाहरण देते हुए पुरी ने कहा कि हालांकि वह एक सिख हैं, उनकी पत्नी महाराष्ट्रियन हैं, जबकि उनकी बेटी की शादी एक तमिल परिवार में हुई है।
इस मौके पर राज्य के मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि विभिन्न ओं और राज्यों के बीच भौगोलिक दूरी होने के बावजूद, ‘‘देवताओं और सनातन संस्कृति के प्रति हमारी भक्ति एक ही है।’’
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