उल्लेखनीय है कि बीते बृहस्पतिवार को यूएई और इजरायल ने पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने की घोषणा की थी। अमेरिका की मध्यस्थता में हुए समझौते के तहत इजराइल ने वेस्ट बैंक के इलाकों पर कब्जा करने की अपनी विवादित योजना स्थगित कर दी है। इस इलाके पर फलस्तीन अपना दावा करता है।
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि फलस्तीन के दावे वाले वेस्ट बैंक के इलाकों पर इजरायल के एकतरफा कब्जे को रोकने वाले इस समझौते को सकारात्मक नजरिये से देखा जा सकता है। हालांकि उन्होंने इस फैसले का खुलकर समर्थन करने से बचते हुए कहा कि इजरायल और फलस्तीन के बीच शांति समझौता होने की शर्त पर सऊदी अरब भी इसी तरह के संबंध कायम करने को तैयार है।
यह भी पढ़े | Corona Pandemic: कोविड-19 से मुकाबले के लिए अमेरिका ने भारत को दिए सौ और वेंटिलेटर.
फरहान ने यह टिप्पणी जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मास के साथ संवाददाता सम्मेलन के दौरान की, जो यूएई और इजरायल के बीच हुए समझौते पर सऊदी अरब की ओर से पहली प्रतिक्रिया है।
इससे पहले, बहरीन, ओमान और मिस्र आधिकारिक रूप से बयान जारी कर समझौते का स्वागत कर चुके हैं, लेकिन सऊदी अरब ने इस मामले पर ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया है।
एपी
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY