ताजा खबरें | समाजवादी पार्टी ने किसानों की हालत पर जतायी चिंता : कहा, प्रासंगिकता खो रही है विधायिका
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. देश में किसानों के आत्महत्या करने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी ने बुधवार को कहा कि सरकार ने अपनी प्राथमिकता के जो चार स्तंभ महिला, किसान, युवा एवं गरीबी बताये हैं उनमें गरीबों को अलग से रखने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि किसान का मतलब ही गरीब है। वहीं सत्तापक्ष के सदस्यों ने सरकार की नीतियों का समर्थन करते हुए कहा कि इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
नयी दिल्ली, सात फरवरी देश में किसानों के आत्महत्या करने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी ने बुधवार को कहा कि सरकार ने अपनी प्राथमिकता के जो चार स्तंभ महिला, किसान, युवा एवं गरीबी बताये हैं उनमें गरीबों को अलग से रखने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि किसान का मतलब ही गरीब है। वहीं सत्तापक्ष के सदस्यों ने सरकार की नीतियों का समर्थन करते हुए कहा कि इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
राष्ट्रपति अभिभाषण पर लाये गये धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में चर्चा में भाग लेते हुए समाजवादी पार्टी की जया बच्चन ने कहा कि वह चर्चा के दौरान एक सदस्य द्वारा रखी गयी इस बात से सहमत हैं कि विधायिका तेजी से अपनी प्रासंगिकता खो रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इससे मैं बहुत दुखी हूं।’’
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण में चार स्तंभ युवा, महिला, किसान एवं गरीबों की चर्चा की गयी है। उन्होंने कहा कि गरीबों की अलग से चर्चा करने की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि किसान पहले से ही गरीब हैं।
बच्चन ने कहा कि 2022 में देश में किसानों का व्यापक आंदोलन हुआ था जिसकी वजह से तीन कृषि कानून वापस लिये गये। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा है और उनकी आय भी दोगुनी नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि 2023 में देश में प्रति दिन 328 किसानों ने आत्महत्या की। उन्होंने कहा कि बरोजगारी का यह आलम है कि उत्तर प्रदेश में जल विभाग में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद के लिए एक लाख आवेदन आये जिनमें कुछ एमबीए और स्नातकोत्तर आवेदक भी थे।
सपा सदस्य ने कहा कि भले ही संसद ने नारी शक्ति वंदन कानून पारित कर दिया हो किंतु महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर कोई लगाम नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के एक विश्वविद्यालय में एक लड़की ने आरोप लगाया कि उसके प्रोफेसर ने उसका उत्पीड़न किया है।
बच्चन ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का क्या मतलब रह जाता है जब इसे लागू होने में वर्षों लग जाएंगे। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने इस कानून को परिसीमन की रिपोर्ट से जोड़कर इसे कई वर्षों के लिए टाल दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘बचपन में घर में और स्कूल में हमें बताया गया था कि झूठ बोलना पाप है। झूठ बोलना बंद होना चाहिए।’’
निर्दलीय सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार गीता की शिक्षा के आधार पर फल की चिंता किए बिना अपने कर्तव्य लगातार कर रही है।
उन्होंने कहा कि भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन करके विश्व स्तर पर अपने महत्व को न केवल बढ़ाया है बल्कि विश्व शांति एवं समृद्धि में अपना योगदान दिया है।
शर्मा ने कहा कि भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला विश्व का पहला देश बन गया है। उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं की सराहना की।
उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान कुछ सदस्यों ने राष्ट्रपति अभिभाषण में भगवान राम का उल्लेख होने पर आपत्ति जतायी। उन्होंने कहा कि वह हरियाणा से हैं जहां व्यक्ति की जाति, उम्र, वर्ग और धर्म को देखे बिना सभी का राम-राम कहकर अभिवादन किया जाता है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लोकतंत्र का गौरव है कि दूरदराज के एक आदिवासी स्थल से आने वाली महिला को देश के सर्वोच्च पद पर बैठने का अवसर मिला और हम सभी को उनका उद्बोधन सुनने का अवसर मिला।’’ उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विश्व भर में जो सम्मान मिल रहा है, उससे पूरे देश के लोग गौरवान्वित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने अभियान की शुरूआत स्वच्छ भारत से की थी और फिर उन्होंने शौचालय, पानी, मकान, आरोग्य के लिए अभियान चलाकर विभिन्न योजनाएं एवं कार्यक्रम बनाये। उन्होंने कहा कि देश की 80 प्रतिशत आबादी इन समस्याओं से जूझ रही है और इन योजनाओं एवं कार्यक्रम से उनको मदद मिलेगी।
किसानों की चर्चा करते हुए पटेल ने कहा कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने 72 हजार करोड़ रूपये की कर्जमाफी की थी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार वर्ष में प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के हित के लिए लाखों करोड़ रूपये खर्च किए हैं। उन्होंने किसान सम्मान निधि का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें दो लाख 70 हजार करोड़ रूपये प्रदान किये गये।
उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से किसान को छह हजार रूपये किसान सम्मान निधि के रूप में दिये जाते हैं जिसमें महाराष्ट्र की सरकार ने छह हजार रूपये और जोड़कर 12 हजार कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि एक समय देश कृषि एवं खाद्य उत्पादों का आयात करता था और आज बड़े पैमाने पर इन उत्पादों का भारत निर्यात कर रहा है।
राकांपा सांसद ने कहा कि आज भारत समुद्री उत्पादों के निर्यात के मामले में विश्व का अग्रणी देश बन गया है। उन्होंने कहा कि आज देश दूध उत्पादन के मामले विश्व में पहले स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी की चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि देश में 140 करोड़ आबादी में से प्रत्येक को नौकरी नहीं दी जा सकती किंतु इस बात को देखा जाना चाहिए कि देश में दस साल पहले रोजगार की स्थिति क्या थी और आज क्या स्थिति है। उन्होंने कहा कि आज सात प्रतिशत की दर से भारत की अर्थव्यवस्था का विकास कोई सामान्य बात नहीं है।
पटेल ने कहा कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया है उस अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था पांच हजार अरब डॉलर की हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार जिस प्रकार से नवीनीकृत ऊर्जा की ओर पहल कर रही है, उससे देश की जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता दिनोंदिन घटती जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री विश्व गुरु हैं, यह कहने में कोई संकोच नहीं है। आज पूरा विश्व भारत के प्रति श्रद्धा से देख रहा है। पहले यह कौन सोच सकता था कि इस्लामिक और अरब देशों के साथ इतने अच्छे संबंध हैं।’’
राकांपा सांसद ने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की थी, उसी तरह वह चार दिन बाद आबूधाबी में पहले हिन्दू मंदिर का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले इस तरह की बात कोई सोच भी नहीं सकता था।
भारत राष्ट्र समिति के केशव राव ने कहा कि वह अभिभाषण पर राष्ट्रपति का धन्यवाद देते हैं किंतु इसमें उल्लेखित बहुत सी बातों पर सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष जिस हिंदुत्व की बात करता है, वह हिंदुत्व ना होकर ब्राह्मणवाद है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम राममंदिर की बात कर रहे हैं।’’ उन्होंने प्रश्न किया कि क्या राम मंदिर के स्थापत्य की बात की जानी चाहिए या भगवान राम की?
राव ने कहा, ‘‘आपने राम मंदिर बनाया और हम आपकी आस्था का सम्मान करते हैं, किंतु आप किसी और की आस्था या भगवान का अपमान मत करिए। हम द्रविड़ हैं और हमारा भी सम्मान करिए।’’ उन्होंने कहा कि यदि कोई अपनी आस्था की बात करता है तो उसे राष्ट्रविरोधी मत कहिए।
उन्होंने कहा कि देश में भक्ति आंदोलन क्षेत्रीय ओं के माध्यम से आया इसलिए सभी भारतीय ओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 07, 2024 02:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

