देश की खबरें | नफरत के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो: भाकपा (माले) सांसद

नयी दिल्ली, छह मई भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के सांसद राजा राम सिंह ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर से आग्रह किया कि वे सांप्रदायिक सद्भाव की पैरवी करने वाली महिलाओं के ऑनलाइन उत्पीड़न और ट्रोलिंग के खिलाफ तत्काल दखल दें।

लोकसभा सदस्य सिंह ने दोनों को लिखे गए पत्र में पहलगाम हमले में मारे गए विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल और नैनीताल की युवती शैला नेगी के मामलों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि नफरत और सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ इन दोनों महिलाओं के साहसी रुख के लिए उन्हें सोशल मीडिया पर जहरीले प्रचार और धमकियों से निशाना बनाया जा रहा है।

पहलगाम हमले के पीड़ित लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल ने सार्वजनिक रूप से शांति का आह्वान करते हुए कश्मीरियों और मुसलमानों के प्रति नफरत की भावना नहीं रखने की अपील की थी।

सिंह ने अपने पत्र में कहा, "गहरे व्यक्तिगत दुख के क्षण में, उन्होंने प्रतिशोध का नहीं, सद्भाव का रास्ता चुना। इसके लिए वह राष्ट्र के समर्थन और सुरक्षा की हकदार है, उत्पीड़न की नहीं।"

खबरों के मुताबिक, नेगी ने नैनीताल में हिंसक भीड़ का सामना किया था और इसके बाद उन्हें सांप्रदायिकता के खिलाफ अपने रुख के लिए इसी तरह की धमकियों और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है।

उत्पीड़न को "डिजिटल मॉब लिंचिंग" बताते हुए सिंह ने कहा कि न्याय और एकता की वकालत करने वाले नागरिकों को ऑनलाइन निशाना बनाना देश की ऑनलाइन सुरक्षा व्यवस्था की गहरी विफलता को दर्शाता है और संविधान में निहित मूल मूल्यों के साथ विश्वासघात है।

उन्होंने कहा, "यह राष्ट्रीय चिंता का विषय है कि जो लोग संवैधानिक नैतिकता के लिए और सांप्रदायिक उन्माद के खिलाफ खड़े हैं, उन्हें दंडित किया जा रहा है।"

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