विदेश की खबरें | रूस ने यूक्रेन में हिरासत में लिए गए लोगों पर अत्याचार किए: संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

संस्था ने सैकड़ों पीड़ितों और गवाहों का साक्षात्कार लेकर एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें 900 से अधिक मामलों को विवरण दिया गया है। इन लोगों को युद्ध के दौरान रूस ने मनमाने ढंग से हिरासत में लिया है, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं।

यूक्रेन में स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रमुख मातिल्डा बोगनर ने कहा कि साक्षात्कार देने वाले ज्यादातर लोगों ने बताया कि रूसी सैनिकों की हिरासत के दौरान उनपर अत्याचार हुआ और कुछ मामलों में यौन उत्पीड़न किया गया।

बोगनर ने कहा, “यह अत्याचार इसलिए किया गया ताकि पीड़ित यह कबूल करें कि वे यूक्रेनी सशस्त्र बलों की मदद कर रहे हैं। इन लोगों को कब्जा करने वालों की सहायता करने के लिए मजबूर किया गया। साथ ही यूक्रेन समर्थक विचार रखने वालों को धमकाया गया।”

इस रिपोर्ट में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद मई 2023 के पश्चात 15 महीने का विवरण दिया गया है। इसमें यूक्रेनी सुरक्षा बलों द्वारा मनमाने ढंग से लोगों को हिरासत में लेने के 75 मामलों का भी जिक्र किया गया है।

बोगनर ने कहा कि जिन लोगों को यूक्रेन के बलों ने हिरासत में लिया उनमें से आधे से अधिक लोगों ने अपने साथ अत्याचार और दुर्व्यवहार होने की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं को आधिकारिक हिरासत केंद्रो में 87 रूसी नाविकों के एक समूह को छोड़कर अन्य कैदियों से बात करने की अनुमति दी।

बोगनर ने कहा, “रूस ने हमारे अनुरोधों के बावजूद ऐसी कोई अनुमति नहीं दी”

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