रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने कहा कि अमेरिकी दूतावास के ऐसे कर्मचारी जिन्हें रूस में तीन वर्ष से अधिक वक्त हो गया है,उन्हें 31 जनवरी तक देश छोड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि रूस की यह मांग अमेरिकी कार्रवाई के बदले में है, जिसमें रूस के 55 राजनयिकों को देश छोड़ने को कहा गया है।
प्रवक्ता ने कहा,‘‘ हम अमेरिका की मांग को निष्कासन के तौर पर देखते हैं और इसका उसी तरह जवाब देंगे।’’
वॉशिंगटन में रूस के राजदूत एनातोले एंतोनोव ने पिछले सप्ताह कहा था कि 30जनवरी तक रूस के 27 राजनयिकों को देश छोड़ना होगा और इसके छह माह बाद इतनी ही संख्या में राजनयिकों को फिर जाना होगा। उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्रालय के उस तर्क को खारिज कर दिया था कि रूसी राजनयिकों को इसलिए जाना होगा क्योंकि उनका वीजा समाप्त हो रहा है। एंतोनोव ने कहा था कि वीजा की अवधि बढ़ाने से अमेरिका का इनकार राजनयिकों के निष्कासन के तौर पर देखा जाएगा।
रूस के उप विदेश मंत्री यूरी रियाबकोव ने अमेरिका के कदम को ‘‘राजनयिक मिशनों का विध्वंस’’ करार दिया था।
गौरतलब है कि यूक्रेन के क्रीमिया पर रूस के कब्जे, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप ,हैकिंग जैसे आरोपों के चलते अमेरिका और रूस के संबंधों में हाल के दिनों में काफी तल्खी आई है और दोनों ने एक दूसरे के राजनयिकों को निकालने तथा पाबंदियां लगाने जैसे कई कदम उठाए हैं।
एपी
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