मुंबई, 12 दिसंबर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मंगलवार को एक पैसे की गिरावट के साथ 83.38 (अस्थायी) पर बंद हुआ। फेडरल रिजर्व की बैठक और घरेलू मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी होने से पहले निवेशकों द्वारा सतर्कता का रुख बरतने से रुपये में गिरावट आई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि शेयर बाजार में बिकवाली दबाव बढ़ने से भी कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि अपनी प्रमुख प्रतिद्वन्द्वियों मुद्राओं की तुलना में डॉलर के कमजोर होने से रुपये की गिरावट पर कुछ अंकुश लग गया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 83.36 पर खुला और कारोबार के अंत में एक पैसे की गिरावट दर्शाता 83.38 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपये ने 83.35 के शीर्ष स्तर और 83.39 के निचले स्तर को छुआ।
सोमवार को रुपया 83.37 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
निवेशक घरेलू मुद्रास्फीति के आंकड़ों के साथ-साथ आज ही आने वाले औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों का इंतजार है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 103.41 पर रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.34 प्रतिशत बढ़कर 76.29 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 377.50 अंक की गिरावट के साथ 69,551.03 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल थे। उन्होंने 1,261.13 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
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