देश की खबरें | ठेकेदारों को बढ़ी हुई दर पर सड़क निर्माण के ठेके दिए गए : अनिल परब

मुंबई, 11 जुलाई शिवसेना (यूबीटी) नेता अनिल परब ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने सड़क निर्माण के लिए 89 हजार करोड़ रुपये का ठेका दिया है जबकि इन परियोजनाओं की वास्तविक लागत 49 हजार करोड़ रुपये है।

विधान परिषद में उन्होंने दावा किया कि यह निर्माण कंपियों से अगामी विधानसभा के लिए धन प्राप्त करने के लिए किया गया।

परब ने आरोप लगाया, ‘‘ महाराष्ट्र सरकार ने राजमार्ग निर्माण के लिए 89 हजार करोड़ रुपये की निविदा जारी की। लेकिन इन निविदाओं की वास्तविक कीमत 49 हजार करोड़ रुपये थी। इसके बावजूद कुछ निर्माण कंपनियों को अधिक कीमत पर ठेके दिए गए। इसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव के लिए धन एकत्र करना है।’’

उन्होंने कहा कि विरार-अलीबाग, नागपुर-गोंदिया-चंद्रपुर और जालना-नागपुर राजमार्ग एवं पुणे रिंग रोड परियोजना सवालों के घेरे में है।

परब ने कहा, ‘‘इन सभी राजमार्गों के ठेके बढ़े हुए दाम पर दिए गए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण छह लेन की एक किलोमीटर सड़क का निर्माण 86 करोड़ रुपये में करता है जबकि महाराष्ट्र सरकार ने आठ लेन की सड़क का ठेका 266 करोड़ प्रति किलोमीटर की दर से दिया है। यह सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करता है।’’

उन्होंने दावा किया कि इन परियोजनाओं के लिए कोई प्रशासनिक या मंत्रिमंडल की मंजूरी नहीं ली गई।

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने सवाल किया कि राज्य सरकार सड़क परियोजनाओं पर इतना खर्च क्यों कर रही है जबकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मंत्रालय (सड़क परिवहन और राजमार्ग) 86 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत से बेहतर छह लेन वाली सड़क बना सकता है।

परब ने भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस)के अधिकारी सुधाकर शिंदे की बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) में प्रतिनियुक्ति पर विस्तारित तैनाती को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि शिंदे भाजपा विधायक से जुड़े हुए हैं।

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