लीबिया के लिए संयुक्त राष्ट्र की दूत स्टेफनी तुर्को विलियम्स ने कहा, ‘‘मैं इस पल का गवाह बनने के लिए आपके बीच होने से सम्मानित महसूस कर रही हूं।’’
विलियम्स के नेतृत्व में मध्यस्थता के बाद 5+ 5 संयुक्त सैन्य आयोग इस उपलब्धि पर पहुंचा था और संयुक्त राष्ट्र ने इसे ‘‘लीबिया में शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव’’ बताया।
उन्होंने हालांकि कहा कि एक स्थायी संघर्ष विराम समझौते का मार्ग अक्सर लंबा और कठिन होता है।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संघर्ष विराम कैसे लागू किया जायेगा। विलियम्स ने कहा कि सशस्त्र समूह और सैन्य इकाइयां ‘‘अपने शिविरों में’’ लौटने के लिए सहमत हुई हैं और यह समझौता तुरंत प्रभाव में आएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘इस संघर्ष का सामना कर रहे लीबिया के लोगों की समस्याओं को कम करने के लिए, जितनी जल्दी हो सके, काम जारी रखना आवश्यक है।’’
विलियम्स ने कहा, ‘‘हमें लोगों को बेहतर भविष्य की उम्मीद देनी होगी।’’
उन्होंने उम्मीद जताई कि समझौता ‘‘लीबियाई लोगों की समस्याओं को समाप्त करने और टकराव के कारण विस्थापित हुए लोगों को उनके घर लौटने में मदद करेगा।’’
इस समझौते की घोषणा के तुरंत बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन ने इस्तांबुल में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी पक्ष इसका पालन करेंगे।
उन्होंने इस्तांबुल में शुक्रवार की नमाज के बाद कहा कि संघर्ष विराम का निर्णय शीर्ष अधिकारियों से नहीं, बल्कि निचले स्तर के लोगों की ओर से लिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘समय बतायेगा कि यह कितने समय तक चलेगा।’’
एपी
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