देश की खबरें | दक्षिणपंथी संगठन ने केरल सरकार से राज्यपाल को कुलाधिपति के पद से नहीं हटाने की अपील की

तिरुवनंतपुरम, 23 दिसंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े एक महत्वपूर्ण संगठन ने केरल सरकार से राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के पद से हटाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उसने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से भी इस मामले में दखल देने को कहा है।

भारतीय विचार केंद्रम (बीवीके) ने हाल में अपने एक प्रस्ताव में कहा कि राज्य का शिक्षा क्षेत्र वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के ‘राजनीतिक दखल के कारण बर्बाद’ हो चुका है।

उसने आरोप लगाया कि कुलपतियों और प्राध्यापकों के पदों पर राजनीतिक हित साधने और भाई-भतीजावाद की दृष्टि से नियुक्ति करने के लिए विश्वविद्यालय एवं यूजीसी मापदंड एवं सांविधिक प्रावधानों में उलटफेर करने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है।

हाल में बीवीके की एक बैठक में संगठन का यह प्रस्ताव स्वीकार किया गया।

प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि राज्यपाल को कुलाधिपति के पद से हटाने तथा प्रख्यात अकादमिक विद्वानों को इस शीर्ष पद पर नियुक्त करने के लिए विधानसभा द्वारा हाल में पारित किया गया विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक, विश्विविद्यालयों के स्वायत्त अधिकारों को नष्ट कर देगा तथा उन्हें महज सरकारी विभागों में तब्दील कर देगा।

बीवीके ने सरकार से विश्वविद्यालयों को अपना राजनीतिक हथियार बनाने के कथित प्रयास से पीछे हटने की अपील की है।

केंद्रम के बयान में कहा गया है, ‘‘ (बीवीके) सम्मेलन में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से राज्य सरकार को इस कानून को वापस लेने के लिए राजी करने के वास्ते दखल देने की मांग की गयी क्योंकि यह कानून विश्वविद्यालयों के स्वायत्त दर्जे एवं उसकी आजादी को खत्म कर देगा तथा राज्य में उच्च शिक्षा क्षेत्र के गुणवत्ता मापदंडों को नष्ट कर देगा।’’

केरल विधानसभा ने राज्यपाल को राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के पद से हटाने के लिए और इस शीर्ष पद पर किसी अकादमिक विद्वान की नियुक्ति करने के लिए 13 दिसंबर को विवादास्पद विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक पारित किया था।

इस विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया है।

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