देश की खबरें | बलरामपुर बलात्कार मामले में मृतका के परिजनों को आवासीय पट्टा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

बलरामपुर (उप्र), दो अक्टूबर जिले में एक दलित छात्रा से कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी मौत के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतका के परिजनों को आवासीय पट्टा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।

बलरामपुर सदर से भाजपा विधायक पलटूराम ने शुक्रवार को बताया कि गैसड़ी में हुई घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है और गरीब तबके के इस परिवार को सहारा देने के लिए पीड़ित परिजनों को आवासीय पट्टा (जमीन) और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।

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भाजपा विधायक पलटूराम शुक्रवार को पीड़ित परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे।

उन्होंने घटना की निन्दा करते हुए कहा कि ऐसा बर्बर कृत्य करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। सरकार ने इस घटना में शामिल आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने का काम किया है। सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

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विधायक ने कहा कि पीड़ित परिवार को 6 लाख 18 हजार 750 रुपये की आर्थिक मदद दी जा चुकी है। उन्हें दो लाख रुपये की अन्य मदद जल्द दी जाएगी। परिवार को आवासीय पट्टा भी दिया जाएगा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

उधर, मृतका के गांव में दिनभर राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। बलरामपुर के जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश और पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने मृतका के घर पहुंचकर करीब 6 लाख 18 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का चेक परिजनों को सौंपा और सरकार से भी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया ।

पीड़ित परिवार का हाल जानने पहुंचे पूर्व मंत्री एस.पी. यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश में जबसे भाजपा की सरकार आई है, प्रदेश हत्या, बलात्कार और अपहरण प्रदेश बन गया है।

वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैसड़ी घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका ।

गत मंगलवार को हुई घटना के संबंध में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफतार कर लिया है।

युवती की मां का आरोप है कि बलात्कारियों ने उनकी बेटी के पैर और कमर तोड़ दी। हालांकि पुलिस ने इसे गलत बताया है।

लड़की की मां ने बुधवार रात संवाददाताओं को बताया था कि उनकी बेटी मंगलवार को एक कॉलेज में दाखिले के लिए घर से निकली थी। रास्ते में तीन-चार लोगों ने उसे अगवा कर लिया और एक कमरे में ले गए। वहां उसे इंजेक्शन देकर उससे सामूहिक बलात्कार किया। उसके बाद आरोपियों ने उनकी बेटी को रिक्शे पर बैठा दिया।

युवती की मां के मुताबिक आरोपियों ने युवती के दोनों पैर और कमर तोड़ दी। वह खड़ी नहीं हो पा रही थी और न ही बोल पा रही थी।

बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने बृहस्पतिवार को बताया था कि युवती एक निजी कंपनी में काम करती थी और मंगलवार को गंभीर हालत में वह घर लौटी थी। उसके हाथ में 'वीगो' लगी हुई थी जिसका इस्तेमाल शरीर में इंजेक्शन या अन्य द्रव पदार्थ डालने के लिए किया जाता है।

वर्मा ने कहा था कि परिवार के लोगों ने युवती को अस्पताल ले जाने की कोशिश की लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया है।

उन्होंने बताया कि परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने शाहिद और साहिल नामक आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि परिजनों ने आरोप लगाया है कि लड़की के दोनों पैर और कमर टूटी थी लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लिहाजा परिजनों का यह दावा गलत है।

उन्होंने बताया कि लड़की के शव का बुधवार देर रात उसके परिजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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