PNG Connection Guide 2026: महाराष्ट्र में पाइप वाली गैस के लिए कैसे करें आवेदन? जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस, जरूरी दस्तावेज और खर्चा
पीएनजी कनेक्शन (Photo Credits: gasonet.in)

मुंबई: वैश्विक स्तर पर एलपीजी (LPG) की आपूर्ति में आ रही बाधाओं और बढ़ती कीमतों के बीच, महाराष्ट्र में पाइप्ड नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) यानी पीएनजी (PNG) का चलन तेजी से बढ़ा है. भरोसेमंद और किफायती ईंधन होने के कारण हजारों परिवार अब रसोई गैस सिलेंडर को छोड़कर पीएनजी कनेक्शन (PNG Connection) अपना रहे हैं. मार्च 2026 तक, महानगर गैस लिमिटेड (MGL) और महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड (MNGL) जैसे प्रमुख प्रदाताओं ने शहरी निवासियों को प्रोत्साहित करने के लिए 'जीरो अपफ्रंट रजिस्ट्रेशन' और 'बिल क्रेडिट' जैसी नई पहल शुरू की हैं. यदि आप भी नया कनेक्शन लेने की योजना बना रहे हैं, तो यह गाइड आपके लिए मददगार साबित होगी. यह भी पढ़ें: LPG Cylinder Refills Update: रसोई गैस संकट के बीच क्या भारत में 14.2 किलो की जगह 10 kg का LPG सिलेंडर मिलेगा? समझें हॉर्मुज विवाद का असर

अपने क्षेत्र के सेवा प्रदाता की पहचान करें

आवेदन करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपके क्षेत्र में कौन सी कंपनी गैस वितरण (CGD) का काम देख रही है। महाराष्ट्र में यह नेटवर्क मुख्य रूप से भौगोलिक आधार पर बंटा हुआ है:

  • महानगर गैस लिमिटेड (MGL): मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, मीरा-भायंदर और रायगढ़ व रत्नागिरी के कुछ हिस्सों को कवर करती है.
  • महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड (MNGL): पुणे, पिंपरी-चिंचवाड़, नाशिक, लातूर और सिंधुदुर्ग जैसे जिलों में सेवा देती है.
  • अदानी टोटल गैस व अन्य: कुछ विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्रों और गुजरात सीमा से सटे इलाकों में सक्रिय हैं.

आवेदन की प्रक्रिया क्या है?

एक बार जब आप अपने प्रदाता की वेबसाइट पर पिन कोड डालकर 'तकनीकी व्यवहार्यता' (Technical Feasibility) की पुष्टि कर लेते हैं, तो आप तीन माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:

  1. ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप: 'MGL Connect' जैसे ऐप के जरिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है.
  2. ग्राहक सेवा केंद्र: जो लोग मैन्युअल कागजी कार्रवाई पसंद करते हैं, वे नजदीकी केंद्रों पर जा सकते हैं.
  3. सोसाइटी हेल्प डेस्क: बड़ी आवासीय सोसायटियों में गैस कंपनियां अक्सर अस्थायी पंजीकरण शिविर लगाती हैं.

पीएनजी कनेक्शन के लिए आवश्यक दस्तावेज

आवेदक को निम्नलिखित श्रेणियों में से एक-एक दस्तावेज जमा करना होगा:

  • पहचान पत्र: आधार कार्ड (सबसे पसंदीदा), पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट.
  • पते का प्रमाण: बिजली बिल, टेलीफोन बिल या रजिस्टर्ड सेल डीड.
  • स्वामित्व/कब्जे का प्रमाण: किरायेदारों के लिए मकान मालिक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) या वैध रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य है.

लागत और भुगतान योजनाएं (2026 के नए ऑफर)

2026 की शुरुआत में कंपनियों ने ग्राहकों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए लचीले भुगतान ढांचे पेश किए हैं:

  • पूर्ण भुगतान योजना: इसमें आमतौर पर ₹5,000 से ₹6,500 के बीच रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होता है.
  • किश्त योजना (EMI): कई कंपनियां अब 'जीरो अपफ्रंट' मॉडल दे रही हैं, जहाँ सिक्योरिटी डिपॉजिट को छोटे द्विमासिक किश्तों (जैसे ₹500 प्रति बिल) में गैस बिल के साथ वसूला जाता है.
  • प्रचार प्रस्ताव: मार्च और अप्रैल 2026 के बीच नए पंजीकरण करने वालों को ₹500 मूल्य की मुफ्त गैस जैसे प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं. यह भी पढ़ें: LPG की जमाखोरी पर सरकार की बड़ी कार्रवाई: देशभर में 12,000 छापेमारी, 15,000 से अधिक सिलेंडर जब्त

स्थापना और सक्रियण (Installation)

आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, एक तकनीशियन साइट सर्वे के लिए आता है. इसके बाद रसोई तक बाहरी गैल्वेनाइज्ड आयरन (GI) पाइप बिछाया जाता है और मीटर लगाया जाता है.

महत्वपूर्ण नियम: पीएनजी कनेक्शन सक्रिय होने के 60 दिनों के भीतर, कानूनन उपभोक्ता को अपना मौजूदा रियायती (Subsidized) एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा या उसे 'सेफ कस्टडी' (गैर-रियायती) में रखना होगा. आपके मौजूदा गैस चूल्हे को पीएनजी के अनुकूल बनाने का काम तकनीशियन द्वारा इंस्टॉलेशन के समय ही कर दिया जाता है.