West Asia Crisis: पश्चिम एशिया संकट के बीच एक्शन में मोदी सरकार, आज 5 बजे बुलाई सर्वदलीय बैठक, कई अहम मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
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West Asia Crisis:  पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य संकट और इसके भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक बुलाई है. यह बैठक आज शाम 5 बजे संसद परिसर में आयोजित की जाएगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसकी अध्यक्षता करेंगे, जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर विपक्षी नेताओं को क्षेत्र के ताजा हालात और भारत के कूटनीतिक रुख की जानकारी देंगे.

आर्थिक-सामरिक सुरक्षा पर मंडराता खतरा

यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)  द्वारा संसद के दोनों सदनों में दिए गए उस बयान के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने इस संघर्ष को "अभूतपूर्व संकट" करार दिया था. पश्चिम एशिया में चल रहा यह तनाव अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. इससे वैश्विक स्तर पर समुद्री व्यापारिक मार्ग, विशेष रूप से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.  यह भी पढ़े:  Fact Check: क्या भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन? 24 मार्च को ‘Lockdown in India’ सर्च में अचानक उछाल की ये है असली वजह

तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है. इससे भारत की सप्लाई चेन और मुद्रास्फीति (महंगाई) को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. सरकार का लक्ष्य इस बैठक के माध्यम से राजनीतिक हितधारकों के साथ परामर्श कर एक साझा रणनीति तैयार करना है.

विपक्ष की मांग-राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस सहित प्रमुख विपक्षी दल इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केवल ब्रीफिंग दिए जाने के फैसले की आलोचना की है. उनका तर्क है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सदन में पूर्ण बहस होनी चाहिए.

वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं. हालांकि, उन्होंने सर्वदलीय बैठक का स्वागत किया है, लेकिन केरल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण वे स्वयं इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे.

सुरक्षा तैयारियों का जायजा

सर्वदलीय बैठक से एक दिन पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा की थी. इस बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख और DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर कामत शामिल थे.

वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों में यह बैठक सरकार के लिए विपक्षी नेताओं को विश्वास में लेने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी. सरकार का प्रयास है कि इस संकट से निपटने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय आम सहमति बनाई जाए.