जरुरी जानकारी | रिजर्व बैंक ने नाबार्ड, एनएचबी के लिए 10,000 करोड़ रुपये की विशेष नकदी सुविधा की घोषणा की

मुंबई, छह अगस्त भारतीय रिजर्व बैंक ने राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) तथा राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) के लिए पांच-पांच हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त विशेष तरलता सुविधा (एएसएलएफ) की घोषणा की है। यह राशि नाबार्ड और एनएचबी के बीच बराबर बांटी जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल कोविड-19 संकट के बीच छोटी वित्त प्रदान करने वाली इकाइयों तथा आवास ऋण कंपनियों की मदद के लिए किया जाएगा।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने बृहस्पतिवार को कहा कि नाबार्ड और एनएचबी को इस राशि की पेशकश नीतिगत रेपो दर पर की जाएगी।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: कोरोना संकट के बीच यहां मिली कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी, सैलरी के लिए सरकार देगी पैसा.

यहां उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से कर्ज की किस्त के भुगतान की छूट का सबसे अधिक लाभ खुदरा कर्ज लेने वालों ने लिया जिससे ऋणदाताओं को नकदी समर्थन देने की जरूरत महसूस हुई है। पूर्व में भी केंद्रीय बैंक इसी तरह के उपायों की घोषणा कर चुका है।

दास ने कहा कि एनएचबी को 5,000 करोड़ रुपये का एएसएलएफ दिया जाएगा, जिससे आवास क्षेत्र को नकदी संकट से बचाया जा सके तथा आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) के जरिये क्षेत्र को वित्त का प्रवाह बढ़ाया जा सके।

यह भी पढ़े | क्या Disha Salian के साथ पार्टी कर रहें थे Sooraj Pancholi? वायरल हो रही फोटो का सच आया सामने.

इसी तरह नाबार्ड को भी 5,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे जिससे छोटी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) तथा सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के दबाव को दूर किया जा सके।

रिजर्व बैंक ने इसके अलावा बैंकों को ऋण म्यूचुअल फंड तथा ऋण एक्सचेंज ट्रेडेट कोष में निवेश के लिए पूंजीगत आवंटन का निर्देश देने वाली वाली मौजूदा भिन्नता वाली प्रणाली को भी सुसंगत किया है।

इससे बैंकों के पास पूंजी की पर्याप्त बच सकेगी जिससे कॉरपोरेट बांड बाजार को प्रोत्साहन मिलेगा।

दास ने कहा कि प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के मोर्चे पर दिशानिर्देशों की समीक्षा की गई है। प्राथमिकता क्षेत्र ऋण में क्षेत्रीय अंतर के मुद्दे को हल करने वाले बैंकों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)