नयी दिल्ली, 20 अप्रैल एक नए शोध में मस्तिष्क के एक हिस्से के मन और शरीर के सीधे तौर पर जुड़े होने के साक्ष्य मिले हैं।
यह शोध भ्रमपूर्वक व्यवहारों की व्याख्या करने में मददगार साबित हो सकता है। साथ ही इससे यह भी पता चला है कि नियमित रूप से व्यायाम करने वाले लोग जीवन के प्रति अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण क्यों रखते हैं।
शोध में यह भी पाया गया कि मस्तिष्क का यह हिस्सा रक्तचाप और हृदय गति जैसे विभिन्न कार्यों को भी नियंत्रित करता है।
अमेरिका के सेंट लुइस में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया शोध ‘नेचर’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
शोध के लेखक तथा ‘स्कूल ऑफ मेडिसिन के मॉलिनक्रोड्ट इंस्टीट्यूट ऑफ रेडियोलॉजी में रेडियोलॉजी’ के सहायक प्रोफेसर इवान एम. गॉर्डन ने कहा, “ध्यान (मेडिटेशन) करने वाले लोगों का कहना है कि सांस संबंधी व्यायाम के माध्यम से आप अपने शरीर के साथ-साथ मन को भी शांति प्रदान कर सकते हैं।”
हालांकि अवसाद से पीड़ित लोगों के लिए ये तरीके लाभकारी तो पाए गए, लेकिन वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हुए।
उन्होंने कहा, “लेकिन अब हमें एक जुड़ाव मिल गया है। हमने वह स्थान ढूंढ लिया है जहां आपके मस्तिष्क का अत्यधिक सक्रिय हिस्सा उन हिस्सों से जुड़ा है जो श्वास और हृदय गति को नियंत्रित करते हैं। यदि आप एक हिस्से को शांत करते हैं, तो इसका निश्चित रूप से दूसरे हिस्सों पर प्रभाव पड़ता है।”
गॉर्डन और वरिष्ठ लेखक एवं न्यूरोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर निको डोसेनबैक ने मस्तिष्क के उन हिस्सों का गहन अध्ययन किया, जो शारीरिक हलचल को नियंत्रित करते हैं।
उन्होंने आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर इस बारे में जानकारी जुटाई और मस्तिष्क के ‘होमनक्यूलस’ नामक हिस्से पर अध्ययन किया। इस दौरान शोधकर्ताओं को पता चला कि यह हिस्सा सीधे तौर व्यक्ति के शरीर और मन से जुड़ा होता है।
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