जरुरी जानकारी | क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज में यूपीआई के इस्तेमाल मामले में रिजर्व बैंक, एसबीआई से जवाब तलब

नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें अधिकारियों को क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज, वजीरएक्स में निवेश आदि के लिए यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) मंच के इस्तेमाल पर प्रतिबंध हटाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने एसबीआई, रिजर्व बैंक, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम और वित्तीय सेवा विभाग को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब देने को कहा है।

अदालत ने मामले में अगली सुनवाई 24 दिसंबर को तय की है।

याचिकाकर्ता और कानून के छात्र अर्नव गुलाटी ने कहा कि वह और एसबीआई के कई खाताधारक तथा क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज वजीरएक्स के पंजीकृत उपयोगकर्ता अधिकारियों की कार्रवाइयों से व्यथित है जो अनुच्छेद 19 (1) (जी) के तहत मिले उनके व्यापार के मौलिक अधिकार, और संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत मिले समानता के अधिकार का उल्लंघन करते हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता सिद्धार्थ आचार्य और सिमरजीत सिंह साटिया ने कहा कि वजीरएक्स (प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज) के उपयोगकर्ताओं के लिए यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) सेवाओं को अवरुद्ध करने की खातिर एसबीआई द्वारा की गयी मनमानी कार्रवाई के खिलाफ याचिका दायर की गयी है। यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के मार्च 2020 के फैसले का उल्लंघन करती है।

उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश के साथ बैंकों और उनके ग्राहकों के लिए क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से लेनदेन का रास्ता साफ किया था।

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