गुवाहाटी, 22 अप्रैल कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने कहा है कि प्रदेश इकाई की युवा शाखा की अध्यक्ष अंकिता दत्ता ने पहले पार्टी नेतृत्व को सूचित किये बगैर ही भारतीय युवा कांग्रेस के प्रमुख के विरूद्ध उत्पीड़न और लैंगिक आधार पर भेदभाव के आरोपों को सार्वजनिक करने को लेकर जारी किये गये कारण बताओ नोटिस का जवाब सौंप दिया है।
बोरा ने शुक्रवार को कहा कि (उनका यह) जवाब जरूरी कार्रवाई के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) को भेज दिया गया है।
दत्ता ने मंगलवार को अपने विभिन्न ट्वीट में आरोप लगाया था कि श्रीनिवास उनका पिछले छह महीनों से मानसिक उत्पीड़न और लैंगिक आधार पर उनसे भेदभाव कर रहे हैं। उन्होंने श्रीनिवास पर उन्हें लगातार प्रताड़ित करने और ‘लैंगिक आधार पर भेदभाव करने का भी आरोप लगाया था।’’
दत्ता ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इस मामले के बारे में बताया था लेकिन किसी भी जांच का आदेश नहीं दिया गया।
दत्ता ने बुधवार को यहां दिसपुर थाने में शिकायत दर्ज करायी है जिसमें आरोप लगाया गया है कि श्रीनिवास पिछले छह महीने से लैंगिक टिप्पणियां एवं अपशब्दों का प्रयोग कर उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं और वरिष्ठ पार्टी नेताओं से शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दे रहे हैं।
दत्ता ने शिकायत में आरोप लगाया कि फरवरी में रायपुर में आयोजित पार्टी के पूर्ण सत्र के दौरान, आरोपी ने उनके साथ बदतमीजी की और उनका राजनीतिक करियर बर्बाद करने की धमकी दी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोरा ने बृहस्पतिवार को दत्ता को इस बात के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया कि पार्टी नतृत्व को सूचित किये बगैर उन्होंने अपने आरोपों को सार्वजनिक क्यों किया। बोरा ने दत्ता को 24 घंटे में जवाब देने को कहा था।
बोरा ने शुक्रवार को कहा, ‘‘उन्होंने (दत्ता ने) अपना जवाब सौंप दिया है और इसे एआईसीसी को भेज दिया गया है।’’
उन्होंने इन अटकलों को खारिज कर दिया कि दत्ता को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।
इस बीच, दत्ता को दिसपुर थाने में श्रीनिवास के खिलाफ उनके द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत के सिलसिले में शुक्रवार को यहां सीआईडी कार्यालय बुलाया गया।
दत्ता द्वारा ट्वीट किए जाने के कुछ घंटों बाद, श्रीनिवास ने उन्हें एक कानूनी नोटिस जारी किया और मांग की कि वह अपने बयानों को लेकर माफी मांगें, अन्यथा वह उनके विरूद्ध कानूनी कार्रवाई करेंगे।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने दत्ता के आरोपों का स्वत: संज्ञान लिया है और असम पुलिस को जरूरी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
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