देश की खबरें | अनुच्छेद 370 को निरस्त किया जाना भारत का आंतरिक मामला है: नायडू
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, छह अगस्त उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने पड़ोसी देशों समेत सभी राष्ट्रों को बृहस्पतिवार को सलाह दी कि वे भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से बचें।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का निर्णय देश की एकता, अखंडता एवं सम्प्रभुता की रक्षा के व्यापक हित में लिया गया।

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नायडू ने कहा कि भारत एक संसदीय लोकतंत्र है और जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने का निर्णय संसद में विस्तार से चर्चा के बाद और बहुमत से लिया गया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पहले ‘सुषमा स्वराज स्मारक व्याख्यान’ में यह टिप्पणी की।

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नायडू ने ऐसे समय में यह बयान दिया है, जब चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर का मामला उठाने की हाल में कोशिश की थी।

विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि भारत देश के आंतरिक मामलों में चीन के हस्तक्षेप को दृढ़ता से खारिज करता है।

बयान के अनुसार, ‘‘नायडू चाहते हैं कि अन्य देश दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के बजाए, अपने मामलों पर ध्यान दें।’’

उपराष्ट्रपति ने अनुच्छेद 370 को लेकर दिवंगत सुषमा स्वराज द्वारा उनके निधन से पहले व्यक्त की गई भावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि स्वराज विदेश मंत्री के तौर पर बहुत अच्छे और ‘‘सभ्य’’ तरीके से भारत के रुख को रखा करती थीं।

उन्होंने स्वराज का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘लेकिन इसके साथ ही, वह दृढ़ता से देश का नजरिया पेश करती थीं।’’

नायडू ने स्वराज को श्रद्धांजलि देते हुए, उन्हें आदर्श भारतीय महिला करार दिया।

उन्होंने कहा कि स्वराज एक कुशल प्रशासक थीं, जिन्होंने हर उस पद पर अपनी अमिट छाप छोड़ी, जिसकी जिम्मेदारी उन्होंने निभाई।

नायडू ने कहा, ‘‘वह सात बार लोकसभा एवं तीन बार विधानसभा में चुनी गईं और यह बात दर्शाती है कि वह लोगों में कितनी लोकप्रिय थीं।’’

उपराष्ट्रपति ने स्वराज के गुणों के बारे में बताते हुए कहा कि किसी भी समस्या से निपटने में उनकी समझ, मानवीय स्वभाव और तत्परता उस समय सोशल मीडिया पर साफ दिखाई दी, जब वह विदेश मंत्री थी।

उन्होंने कहा कि करोड़ों देशवासी स्वराज से स्नेह करते थे और वह हालिया समय में सबसे लोकप्रिय भारतीय विदेश मंत्रियों में शामिल थीं।

नायडू ने कहा कि स्वराज एक राष्ट्रवादी नेता थीं और हमेशा अपनी बात बेबाकी से रखती थीं।

उन्होंने बताया कि स्वराज रक्षाबंधन पर उन्हें राखी बांधा करती थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब पूरा देश कुछ दिन पहले रक्षाबंधन मना रहा था, तब मैं उनके साथ अपने लगाव को याद करके भावुक हो गया था।’’

इस मौके पर स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज भी मौजूद थीं।

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