नवीकरणीय ऊर्जा और 'सोलर रूफटॉप्स' का उपयोग हरित भविष्य की ओर बदलाव का उदाहरण: मनोहर लाल
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को कहा कि तापीय ऊर्जा से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव, 'सोलर रूफटॉप्स' का उपयोग और महानगरों में 'रीजेनरेटिव ब्रेकिंग' को लागू करना हरित भविष्य की ओर बदलाव का उदाहरण है.
नयी दिल्ली, 18 फरवरी : केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को कहा कि तापीय ऊर्जा से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव, 'सोलर रूफटॉप्स' का उपयोग और महानगरों में 'रीजेनरेटिव ब्रेकिंग' को लागू करना हरित भविष्य की ओर बदलाव का उदाहरण है. 'रीजेनरेटिव ब्रेकिंग' एक अनूठी तकनीक है जिसका उपयोग 'इलेक्ट्रिक वीकल' (ईवी) में वाहन की गति के कारण उत्पन्न ऊर्जा को प्राप्त करने के लिए किया जाता है सीआईआई इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (सीआईआई आईजीबीसी) ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के साथ साझेदारी में 'ग्रीन मेट्रो सिस्टम - द फ्यूचर ऑफ अर्बन मोबिलिटी' विषय पर पांचवें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया.
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा, "जैसे-जैसे मानवता प्रगति कर रही है, हमारे नवाचार अक्सर प्रकृति के साथ संघर्ष कर रहे हैं, जिससे प्रगति और जोखिम दोनों आ रहे हैं. वैश्विक तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की वृद्धि वैश्विक चिंता का कारण बन गई है, जिससे राष्ट्रों को 'पेरिस समझौते' जैसे समझौतों के तहत एकजुट होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है." यह भी पढ़ें : घरेलू हिंसा अधिनियम: स्थिति रिपोर्ट दाखिल नहीं करने के लिए न्यायालय ने की राज्यों की आलोचना
मंत्री ने कहा कि भारत ने भी 2070 तक 'नेट जीरो' उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जो इसकी वृद्धि को स्थिरता के साथ जोड़ता है. शहरीकरण और औद्योगीकरण ने प्रदूषण को बढ़ाया है, लेकिन दिल्ली मेट्रो जैसी पहलों ने पर्यावरणीय प्रभाव को काफी कम कर दिया है, जो दर्शाता है कि सोच समझकर तैयार किया गया बुनियादी ढांचा प्रकृति की रक्षा करते हुए प्रगति को आगे बढ़ा सकता है.
ऊर्जा दक्षता और स्वच्छ ऊर्जा समय की मांग है. तापीय से नवीकरणीय ऊर्जा में बदलाव, 'सोलर रूफटॉप्स' का उपयोग, और महानगरों में 'रीजेनरेटिव ब्रेकिंग' को लागू करना हरित भविष्य की ओर बदलाव का उदाहरण है. उन्होंने कहा, "जब दिल्ली में मेट्रो शुरू हुई तो इसने राष्ट्रीय राजधानी को बचा लिया. कल्पना कीजिए, अगर मेट्रो नहीं होती तो दिल्ली आज इस प्रकार की गतिशीलता प्रणाली विकसित नहीं कर पाती. लगभग 70 लाख लोग प्रतिदिन मेट्रो में यात्रा कर रहे हैं."
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 18, 2025 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

