नयी दिल्ली, दो अक्टूबर उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को कहा कि ऐसी दुनिया में, जहां आतंकवाद और जघन्य अपराधों ने लोगों को झकझोर दिया है, व्यक्ति को मानवता में विश्वास न खोने के महात्मा गांधी के दर्शन को याद रखना चाहिए।
नायडू ने यह भी कहा कि सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय समस्याओं से ग्रस्त दुनिया में, गांधीवादी आदर्शों को पुनर्जीवित करना समय की आवश्यकता है।
यह भी पढ़े | Hathras Gangrape Case: हाथरस घटना के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशन के गेट बंद.
हाल में कोविड-19 से संक्रमित पाये गए नायडू घर पर पृथकवास में हैं। उन्होंने यह टिप्पणी ‘इंडियन काउंसिल आफ वर्ल्ड अफेयर्स’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में एक वीडियो संदेश में की।
नायडू ने यह भी उल्लेख किया कि दुनिया कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सबसे बड़े स्वास्थ्य संकटों में से एक का सामना कर रही है। उन्होंने याद किया कि जब दुनिया स्पेनिश फ्लू के दौरान 1918 में इसी तरह की चुनौती का सामना कर रही थी तब गांधी ने सभी लोगों, खासकर गरीबों और वंचितों के दर्द को समझने की आवश्यकता के बारे में बात की थी।
नायडू ने कहा कि आज एकदूसरे से दूरी बनाये रखना, व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक स्थलों को सेनेटाइज करना और मास्क पहनना महत्वपूर्ण मानदंड बन गए हैं, लेकिन गांधी ने महामारी के दौरान जो कहा था उसे याद करना उचित होगा। गांधी ने लोगों से महामारी के प्रसार को रोकने के लिए मानदंडों का पालन करने का आग्रह किया था।
उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में लोगों को जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और उनकी कठिनाई को कम करना चाहिए।
.
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY