नयी दिल्ली, 20 दिसंबर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को कहा कि भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नरेन्द्र मोदी सरकार के पिछले नौ वर्ष के कार्यकाल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं।
आदिवासी मामलों के मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि आदिवासियों पर विशेष ध्यान देने के साथ समग्र स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक जबरदस्त क्रांति देखी है। आज देश में पहली बार स्वास्थ्य को विकास से जोड़ा जा रहा है। दरअसल, देश में ‘स्वस्थ राष्ट्र, समृद्ध राष्ट्र’ की व्यापक भावना बनी है।’’
मुंडा ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पूर्ववर्ती सरकारों के 70 वर्ष के कार्यकाल की तुलना में मोदी सरकार के पिछले नौ वर्ष के शासन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं।
उन्होंने कहा कि पांच साल पुरानी ‘आयुष्मान भारत’, ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत देश के सबसे गरीब व्यक्तियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। मुंडा ने कहा, ‘‘यह दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम है, जिसके तहत 55 करोड़ से अधिक लाभार्थी शामिल हैं। इस कार्यक्रम का लक्ष्य प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का बीमा प्रदान करना है।’’
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) का जिक्र करते हुए मुंडा ने कहा कि इसका लक्ष्य आदिवासी क्षेत्रों में चौतरफा विकास करना है।
उन्होंने कहा कि देश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की संख्या आठ से बढ़कर 23 हो गई है, जिनमें से 20 पूरी तरह कार्यात्मक हैं।
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