नयी दिल्ली, 12 नवंबर दिल्ली की एक अदालत ने 2,397 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के एक मामले में रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) के पूर्व मुख्य कार्याधिकारी मनिंदर सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने मामले की गंभीरता पर विचार करते हुए सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।
सिंह को 27 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था।
रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) के धन में हेराफेरी और अन्य कंपनियों में इसका निवेश करने के आरोप में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने पिछले साल फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तकों-मलविंदर सिंह और उसके भाई शिविंदर सिंह, आरईएल के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को गिरफ्तार किया था।
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आर्थिक अपराध इकाई ने पिछले साल मार्च में आरएफएल के मनप्रीत सूरी से शिविंदर, गोधवानी और अन्य के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने कंपनी का प्रबंधन करते समय कर्ज लिया, लेकिन इस धन का दूसरी कंपनियों में निवेश कर दिया गया। इसके आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन का मामला दर्ज किया था।
आरएफएल आरईएल समूह की एक कंपनी है। पूर्व में इसके प्रवर्तक मलविंदर और उसका भाई शिविंदर थे।
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