बहरहाल, 33 वर्षीय रेकाबी के समर्थक अब भी चिंतित हैं क्योंकि सरकार ने हिजाब विरोधी प्रदर्शनों का समर्थन करने के लिए अन्य एथलीटों को निशाना बनाया है।
कार्यकर्ताओं का दावा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है तथा हजारों लोग गिरफ्तार हुए हैं।
दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में महमूद खोस्रावी वफा ने कहा कि रेकाबी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की कोई वजह नहीं है क्योंकि उन्होंने ‘‘अनजाने में’’ हिजाब नहीं पहना था।
वफा ने कहा, ‘‘यह बहुत मामूली-सा मुद्दा है। मैं बहुत हैरान हूं कि इसके बारे में इतनी बात की जा रही है। मेरी नजर में यह बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है।’’
वफा ने कहा कि उन्होंने सियोल में एसोसिएशन ऑफ नेशनल ओलंपिक कमिटी की महासभा के इतर बुधवार को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बाच से रेकाबी के मामले पर चर्चा की थी। उन्होंने रेकाबी से भी बात की थी।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने बुधवार को बताया कि रेकाबी ‘‘सुरक्षित ईरान लौट आयी हैं और अपने परिवार के साथ हैं।’’
वहीं, वफा ने बताया कि रेकाबी एक दिन के लिए ईरान की ओलंपिक समिति के होटल में अपने परिवार के साथ ठहरी हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रेकाबी अपनी मर्जी से होटल में ठहरी हैं या नहीं।
वफा ने बताया कि रेकाबी बृहस्पतिवार को अपने गृहनगर लौटेंगी।
दरअसल, रेकाबी के प्रतियोगिता के दौरान हिजाब न पहनने के कदम को इस्लामिक देश में हिजाब के खिलाफ हफ्तों से चल रहे प्रदर्शन के लिए समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
एपी
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