रायपुर, 21 सितम्बर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद की हवाई यात्रा के लिए नियमित विमान सेवा की शुरुआत की।
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद की हवाई यात्रा के लिए 72 सीटर नियमित उड़ान सेवा की शुरुआत की।
उन्होंने बताया कि जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी हवाई अड्डे से अब बस्तरवासियों को हवाई मार्ग से रायपुर तथा हैदराबाद आवागमन की सुविधा का लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने संदेश में कहा कि हवाई सेवा शुरू होने से जगदलपुर बस्तर में पर्यटन और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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पुरी ने कहा कि बस्तर की कला-संस्कृति का अपना महत्व है। उन्होंने इस मौके पर उड़ान योजना के माध्यम से जगदलपुर, अम्बिकापुर एयरपोर्ट के विकास के लिए किए जा रहे प्रयास और रायपुर एयरपोर्ट के विस्तार की कार्ययोजना की जानकारी दी।
नागर विमानन मंत्री ने जगदलपुर को विमान सेवा से जोड़े जाने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, एयर इंडिया की सहायक कम्पनी अलायंस एयर, राज्य शासन, छत्तीसगढ़ एवं बस्तरवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि इससे पहले वर्ष 2018 में जगदलपुर से रायपुर और भुवनेश्वर के लिए विमान सेवा शुरू की गई थी। लेकिन वह सफल नहीं हो सका था। अब केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से विमान सेवा की शुरूवात की जा रही है।
पुरी ने बताया कि उड़ान योजना के तहत राज्य के जगदलपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर के विमानतल पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए अनुमति दी गई है। इसके तहत जगदलपुर विमानतल के लिए केंद्र सरकार ने 48 करोड़ रूपए, अंबिकापुर के लिए 27 करोड़ रूपए तथा बिलासपुर के लिए 33 करोड़ रूपए की मंजूरी दी गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हवाई सेवा शुरू होने से बस्तरवासियों को विकास के प्रत्येक क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ प्राप्त होगा।
बस्तर से रायपुर और हैदराबाद की यात्रा का समय केवल एक घंटा लगेगा। वर्तमान में सड़क मार्ग से रायपुर की यात्रा छह घंटे में पूरी होती है तथा हैदराबाद की यात्रा लगभग 12 घंटे में पूरी होती है। यात्रा के दौरान दुर्गम रास्ता भी पार करना होता है।
मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि जगदलपुर हवाई अड्डे की नींव वर्ष 1939 में द्वितीय विश्व युद्व के पूर्व रखी गयी थी, तब इसे जहाज भाटा के नाम से जाना जाता था। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भी 13 मार्च 1953 को बस्तर के इस जहाज भाटा में अपना कदम रखा था।
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जगदलपुर एयरपोर्ट का नामकरण अंचल की आराध्य देवी माँ दन्तेश्वरी के नाम से किया है। मां दन्तेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर कुल 57.6 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में स्थापित है। हवाई पट्टी की लम्बाई 1704 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर है।
एयरपोर्ट की आधारभूत सुविधाओं का प्रबंधन लोक निर्माण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा किया जा रहा है। एयरपोर्ट में 72 सीटर यात्री क्षमता वाली हवाई जहाज को संचालित किया जा रहा है। बस्तर के लोगों की सुविधा के लिए विमानों की उड़ान प्रतिदिन किया जाना सुनिश्चित किया गया है।
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