नयी दिल्ली, 22 अप्रैल तंबाकू उत्पादकों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने मंगलवार को कहा कि तंबाकू किसानों का पंजीकरण प्रमाणपत्र या लाइसेंस अब एक साल के बजाय तीन साल के लिए वैध होगा।
लाइसेंस अवधि को एक से तीन साल तक बढ़ाने से देश के लगभग 83,500 किसानों को आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा जैसे राज्यों में अपने पंजीकरण के नवीकरण में मदद मिलेगी।
वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘इस उपाय से किसानों को हर साल अपने पंजीकरण/लाइसेंस को नवीनीकृत करने के समय की बचत होगी, ताकि वे तीन साल तक खेती करने के लिए अपने लॉजिस्टिक्स और वित्त की योजना बना सकें।’’
भारत वर्ष 2023 के दौरान, मूल्य के संदर्भ में दुनिया में अनिर्मित तंबाकू का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और चौथा सबसे बड़ा निर्यातक है।
वित्त वर्ष 2024-25 में, निर्यात ने भारतीय खजाने में लगभग दो अरब डॉलर (16,728 करोड़ रुपये) का योगदान दिया।
भारत में वर्जीनिया तंबाकू को तंबाकू बोर्ड अधिनियम, 1975 के तहत विनियमित किया जाता है।
अधिनियम के अनुसार, वर्जीनिया तंबाकू की खेती करने के इच्छुक प्रत्येक उत्पादक को उत्पादक के रूप में पंजीकरण का प्रमाण पत्र और खलिहान के संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त करना होता है।
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