लखनऊ, 10 अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ महागठबंधन की सरकार बनाने का उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्या असर होगा, इसके लेकर राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियों ने आकलन करना शुरु कर दिया है।
उत्तर प्रदेश में पिछड़ों की एक बड़ी आबादी कुर्मी समाज की राजनीति करने वाले अपना दल (एस) ने बुधवार को दावा किया कि इसका प्रदेश की राजनीति पर कोई असर नहीं होगा जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) ने कहा है कि इससे राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अगुवाई में पिछड़ों की राजनीति करने वाले दल लामबंद होंगे।
अपना दल (एस) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पटेल ने दावा किया कि बिहार में भाजपा से जदयू का गठबंधन टूटने से उत्तर प्रदेश के कुर्मी समाज पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है क्योंकि यहां पर उनका जनाधार नहीं के बराबर है।
उन्होंने कहा, ‘‘बिहार की राजनीति अलग है और वहां की भौगोलिक व सामाजिक स्थिति भी भिन्न है। इसलिए उसे उत्तर प्रदेश से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।’’
नीतीश कुमार जिस कुर्मी समाज से आते हैं, उसी समाज से ताल्लुक रखने वाली केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाला अपना दल (एस) राजग का हिस्सा है।
जानकारों का कहना है कि नीतीश कुमार के कुर्मी समाज से होने की वजह से राज्य की इस बिरादरी में उनके प्रति आकर्षण तो है लेकिन उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी पार्टी जनता दल यूनाईटेड अब तक कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी है।
एक सवाल के जवाब में राजेश पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा और अपना दल (एस) का गठबंधन मजबूती से चलेगा और यहां नीतीश कुमार का कोई असर नहीं पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश में कुर्मी बिरादरी की आबादी छह प्रतिशत से ज्यादा है और प्रदेश के करीब 25 जिलों में इस बिरादरी के लोग चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
प्रदेश के महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सीतापुर, बरेली, उन्नाव, जालौन, कानपुर, कानपुर देहात, अंबेडकरनगर, एटा, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत आदि जिलों की अधिकांश विधानसभा सीटों पर कुर्मी समाज निर्णायक चुनावी भूमिका निभाता रहा है।
कुर्मी समाज से ही आने वाले सपा के वरिष्ठ नेता लालजी वर्मा ने 'पीटीआई-' से बातचीत में कहा कि भाजपा की नीतियों के खिलाफ लोगों में जो गुस्सा है, उसे अब एक नयी दिशा मिलेगी।
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