प्रयागराज, दो मार्च इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन के खिलाफ आपराधिक मुकदमा रद्द करने के अनुरोध वाली याचिका बुधवार को खारिज कर दी। इस ग्रुप में किसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कंप्यूटर एनिमेशन की सहायता से बदली हुई फोटो भेजी थी।
इस याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति मोहम्मद असलम ने कहा कि याचिकाकर्ता एक ग्रुप का एडमिन है और ग्रुप का सक्रिय सदस्य है।
यह याचिका मोहम्मद इमरान मलिक द्वारा दायर की गई थी जोकि एक व्हाट्सऐप ग्रुप चलाता है और इस ग्रुप के एक सदस्य नजाम आलम ने प्रधानमंत्री की परिवर्तित तस्वीर भेजी थी।
याचिकाकर्ता की दलील थी कि उक्त संदेश उसके द्वारा नहीं भेजा गया, बल्कि नजाम आलम द्वारा भेजा गया। वह केवल ग्रुप एडमिन है, इसलिए उसके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता और यह आपराधिक मुकदमा रद्द करने लायक है।
राज्य सरकार के वकील ने इस याचिका का यह कहते हुए विरोध किया कि संदेश भेजने वाले व्यक्ति और ग्रुप एडमिन की साझा जिम्मेदारी होती है और यह नहीं कहा जा सकता कि आईटी कानून की धारा 66 (कंप्यूटर संबंधी अपराध) के तहत कोई अपराध नहीं हुआ।
अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, “तथ्यों पर गौर करने से यह प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता एक ग्रुप एडमिन है और उसकी साझा जिम्मेदारी भी है। इसे ध्यान में रखते हुए हमें इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई ठोस कारण नहीं दिखता।”
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