भोपाल, 16 सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को उम्मीद जताई कि काशी और मथुरा में धार्मिक स्थलों को लेकर जारी विवादों में अदालत का फैसला हिंदू याचिकाकर्ताओं के पक्ष में आएगा।
प्रसाद भाजपा की चल रही ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के तहत मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में आयोजित एक रैली को संबोधित कर रहे थे।
मध्य प्रदेश में साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं।
भाजपा की एक विज्ञप्ति में प्रसाद के हवाले से कहा गया कि लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद अयोध्या में (विवादित स्थल पर) राम मंदिर का निर्माण हो रहा है और अगले साल जनवरी से लोग वहां पूजा कर सकेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में बाधाएं पैदा कीं।
प्रसाद ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने न केवल मंदिरों का निर्माण किया, बल्कि अनुच्छेद 370 (जो जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता था) को भी रद्द कर दिया।
बयान में प्रसाद के हवाले से कहा गया, हमें विश्वास है कि जब काशी और मथुरा मुद्दे पर अदालत के फैसले आएंगे, तो वे तथ्यों और सबूतों के आधार पर हमारे पक्ष में होंगे।
भाजपा नेता ने कहा कि वह यह बात इतने विश्वास के साथ इसलिए कह सकते हैं क्योंकि सनातन धर्म हजारों साल पुराना है और पूरे देश और दुनिया भर में इसके प्रमाण मौजूद हैं।
मथुरा में, शाही ईदगाह मस्जिद को स्थानांतरित करने की मांग करते हुए स्थानीय अदालतों में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जो याचिकाकर्ताओं के अनुसार कटरा केशव देव मंदिर के परिसर के भीतर भगवान कृष्ण के जन्म स्थान पर बनाई गई है।
काशी (वाराणसी) में हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि ज्ञानवापी मस्जिद काशी विश्वनाथ मंदिर के हिस्से को तोड़कर बनाई गई है।
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