नयी दिल्ली, सात दिसंबर राज्यसभा सदस्य जोस के मणि ने बृहस्पतिवार को सरकार से देश के समुद्र तटीय कटाव पर व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन कराने और तटीय सुरक्षा योजना तैयार करने की मांग की।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान केरल कांग्रेस (एम) के सदस्य ने केरल के समुद्र तटों पर हो रहे कटाव पर चिंता जताते हुए कहा, ‘‘यह गंभीर चिंता का विषय है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।’’
उन्होंने कहा कि तटीय कटाव न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि तटीय इलाकों में रहने वाले समुदायों की आजीविका के लिए भी खतरनाक है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र के अध्ययन के अनुसार भारतीय तटीय रेखा का 33.6 प्रतिशत हिस्सा कटाव की चपेट में है और केरल की करीब 46 प्रतिशत तटरेखा पहले ही प्रभावित है।
मणि ने कहा कि इन आंकड़ों को केवल एक संख्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि राज्य और देश में आसन्न संकट की चेतावनी के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तटीय क्षरण जलवायु परिवर्तन, अनियमित मानव गतिविधियों, अपर्याप्त तटीय क्षेत्र प्रबंधन, खनन और पर्यटन जैसे विभिन्न कारकों के कारण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि तटीय कटाव केरल के मछुआरों के परिवारों को उनकी ही भूमि में शरणार्थी बना रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरकार से एक व्यापक तटीय संरक्षण योजना शुरू करने का अनुरोध करता हूं, जिसमें नवीनतम वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति का उपयोग हो।’’
मणि ने सरकार से तटीय संरक्षण परियोजनाओं, सामुदायिक विकास पहल और अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त धन निर्धारित करने को भी कहा।
अन्य सांसदों ने भी विभिन्न मुद्दे उठाए।
बीजू जनता दल के प्रशांत नंदा ने चिकित्सा कारणों से राजधानी ट्रेन में 38 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत का हवाला दिया और सुझाव दिया कि लंबी दूरी की ट्रेनों में आईसीयू, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सुविधाओं के साथ एक कोच होना चाहिए।
कांग्रेस के विवेक तन्खा ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आपातकालीन बिस्तरों की कमी का मुद्दा उठाया और मांग की कि इन्हें बढ़ाया जाना चाहिए।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोई एनवीएन सोमू ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नियमन के बावजूद 'स्पैम कॉल' की समस्या पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा, ‘‘ट्राई के जरिए शिकायत दर्ज कराने के अलावा एक एहतियाती ढांचा बनाने की जरूरत है।’’
उन्होंने मांग की कि दूरसंचार विभाग ट्राई के नियमों के बावजूद अवांछित कॉल और एसएमएस पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल कार्रवाई करे।
कांग्रेस के एल हनुमंथैया ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए दलितों, खासकर महिलाओं पर अत्याचार की बढ़ती घटनाओं का मुद्दा उठाया और सरकार से ऐसे मामलों पर ध्यान देने का अनुरोध किया।
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