देश की खबरें | राजकोट ‘गेम जोन’ आग मामला: सात अधिकारी निलंबित

अहमदाबाद, 27 मई गुजरात सरकार ने राजकोट स्थित ‘गेम जोन’ में आग लगने की घटना के मामले में सात अधिकारियों को निलंबित करने का सोमवार को आदेश दिया। ‘गेम जोन’ में शनिवार शाम भीषण आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई थी।

एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन अधिकारियों को ‘‘आवश्यक स्वीकृति के बिना इस ‘गेम जोन’ का संचालन होने देने में घोर लापरवाही का’’ जिम्मेदार ठहराया गया है।

संबंधित विभागों द्वारा पारित आदेशों के अनुसार, इससे पहले दिन में राजकोट नगर निगम (आरएमसी) के नगर नियोजन विभाग के सहायक अभियंता जयदीप चौधरी, आरएमसी के सहायक नगर योजनाकार गौतम जोशी, राजकोट सड़क एवं भवन विभाग के उप कार्यकारी अभियंता एम आर सुमा एवं पारस कोठिया और पुलिस निरीक्षक वी आर पटेल और एन आई राठौड़ शामिल हैं।

आरएमसी ने बाद में आरएमसी के कलावड रोड दमकल स्टेशन के 'स्टेशन अधिकारी' रोहित विगोरा को निलंबित करने का आदेश दिया।

आरएमसी के निलंबन आदेश में कहा गया है कि हालांकि ‘गेम जोन’ आग सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र के बिना कुछ समय से संचालित किया जा रहा था, एक स्टेशन अधिकारी के रूप में विगोरा ने गेम जोन के खिलाफ कोई कार्रवाई न करके घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार प्रदर्शित किया, जो उनके अधिकार क्षेत्र में आता है।

गुजरात उच्च न्यायालय ने रविवार को आग त्रासदी का स्वत: संज्ञान लिया और इसे प्रथम दृष्टया "मानव निर्मित आपदा" करार दिया। अदालत ने कहा कि गेम जोन में पेट्रोल, फाइबर और फाइबरग्लास शीट जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का भंडार जमा किया गया था।

राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है और प्रत्येक मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं केंद्र सरकार ने भी प्रत्येक मृतक के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)