जयपुर, 27 जून, राजस्थान सरकार ने प्रदेश में आयोजित होने वाले मेलों और उत्सवों के लिये सात करोड़ 17 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है।
पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि राजस्थान के मेले, त्योहार और उत्सव अपनी अलग पहचान रखते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान एक बहुरंगी राज्य है और यहां रीति-रिवाजों एवं त्योहारों की एक विस्तृत श्रृंखला देखने को मिलती है।
एक बयान में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश के पर्यटन और लोक कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रदेश की लोक संस्कृति और कला को जीवंत बनाए रखने, उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पर्यटन एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है; वर्तमान में इस क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियां तीव्र गति से बढ़ रही है।
मंत्री ने कहा कि राजस्थान के पर्यटन को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा मुद्रण, सोशल एवं डिजिटल मीडिया के माध्यम से प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है एवं लघु फिल्म के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
सिंह के मुताबिक पर्यटन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में आयोजित होने वाले मेलों और उत्सवों के लिए करीब सात करोड़ 17 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है।
गौरतलब है कि राजस्थान का पर्यटन विभाग प्रदेश के विभिन्न अंचलों में प्रतिवर्ष पुष्कर, कैमल फेयर, रणकपुर उत्सव, मरुस्थल महोत्सव जैसे कई मेलों व उत्सवों का आयोजन करता है।
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