कोलकाता/चेन्नई, 27 जुलाई राजस्थान में जारी राजनीतिक संकट को लेकर पश्चिम बंगाल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को यहां राजभवन के सामने धरना-प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्यपाल विपक्षी दल के शासन वाले राज्यों में भगवा दल की सरकार बनवाने के लिए भाजपा के कथित एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।
यह प्रदर्शन संविधान एवं लोकतंत्र को बचाने और राजस्थान की गहलोत सरकार के साथ एकजुटता दिखाने के लिए कांग्रेस की तरफ से बुलाए गए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का हिस्सा था।
कांग्रेस कार्यकर्ता राजभवन के उत्तरी द्वार के सामने धरने पर बैठ गए और इस दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों के राज्यपाल और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी अमिताव चक्रवर्ती ने दावा किया, '' जिन राज्यों में भाजपा के विरोधी दलों की चुनी हुई सरकारें हैं, वहां सत्तारूढ़ दल के विधायकों को या तो डराया जा रहा है अथवा सरकार गिराने के लिए उन्हें खरीदा जा रहा है।''
उन्होंने आरोप लगाया, '' इन राज्यों में अतिसक्रिय राज्यपाल इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।''
वहीं, तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भी सोमवार को राजभवन की तरफ मार्च निकालने का प्रयास करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
तमिलनाडु कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के एस अलागिरी की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि भाजपा राजस्थान में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों को ''खरीदने'' का प्रयास कर रही थी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता के जयकुमार, एच वसंत कुमार और एम के विष्णु प्रसाद ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
राजभवन की ओर मार्च कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने करीब 500 मीटर पहले ही हिरासत में ले लिया, जिन्हें कुछ देर बाद रिहा कर दिया गया।
गौरतलब है कि राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने आरोप लगाया है कि राज्यपाल पर विधानसभा का सत्र नहीं बुलाने को लेकर ‘ऊपर’ से दबाव है। राज्य में सत्ता संघर्ष चल रहा है।
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