जयपुर, 17 फरवरी विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राज्य सरकार द्वारा इस सप्ताह पेश किए जाने वाले सालाना बजट से पहले सदन में सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच बने गतिरोध को तोड़ने के लिए सोमवार को सर्वदलीय बैठक की।
विधानसभा के प्रवक्ता के अनुसार बैठक सार्थक रही और देवनानी की पहल पर सदन में गतिरोध समाप्त करने पर सहमति बनी है। बैठक में विभिन्न दलों के वरिष्ठ सदस्यों के मध्य सदन को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चलाने के लिए सहमति बनी।
राजस्थान सरकार वित्त वर्ष 2025-26 का बजट 19 फरवरी को विधानसभा में पेश करेगी। हालांकि कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए गए फोन टैपिंग के आरोपों पर सदन में विपक्ष तथा सत्ता पक्ष आमने-सामने हैं। विपक्षी कांग्रेस इन आरोपों का जवाब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से चाहती है। उसका कहना है जवाब दिए जाने तक वह सदन नहीं चलने देगी।
बयान के अनुसार आज हुई बैठक में देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा का यह सदन लोकतंत्र का पवित्र स्थल है और इसकी गरिमा को बनाये रखने का दायित्व सत्ता पक्ष तथा प्रतिपक्ष दोनों का है।
देवनानी ने गत दिनों सदन में जो परिस्थितियां और वातावरण बना, उस पर दुख और पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस सदन में ऐसी कोई स्थिति पैदा न हो।
बयान में कहा गया कि बैठक में विभिन्न दलों के वरिष्ठ सदस्यों के मध्य सदन को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चलाने के लिए सहमति बनी। देवनानी ने कहा कि प्रतिपक्ष शांतिपूर्वक और गरिमामय तरीके से सदन में मुद्दे उठाये और राज्य सरकार उनका समुचित तरीके से जवाब देने की व्यवस्था करे।
देवनानी ने कहा, ‘‘दोनों पक्ष एक-दूसरे के सदस्यों का पूरा सम्मान करें। प्रश्नकाल को शांतिपूर्वक चलाएं। सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष जब सदन में बोलें तो दोनों पक्षों के सभी सदस्यों को उनका सम्मान करने के लिए उनकी बातों को शांतिपूर्वक सुनना चाहिए।’’
बैठक में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, प्रतिपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान भी मौजूद थे।
पटेल ने बैठक के बाद मीडिया से कहा, ‘‘बजट भाषण 19 तारीख को होगा। विपक्ष को अगर अपनी बात कहनी है तो 20 तारीख को प्रश्नकाल के बाद कहे और सरकार को जवाब देने की आवश्यकता होगी तो वह जवाब देगी।’’
उन्होंने कहा कि सभी ने तय किया है कि हम अपनी परंपराओं के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से सदन चलाएंगे।
विपक्ष का धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार, विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों का जवाब देने के लिए तत्पर व तैयार रहेगी।
विपक्षी कांग्रेस द्वारा फोन टैपिंग पर सरकार से जवाब चाहने के सवाल पर पटेल ने कहा, ‘‘अगर वे फोन टैपिंग का कोई विषय रखेंगे तो सरकार अवश्य उसका जवाब देगी।’’
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा, ‘‘विधानसभा अध्यक्ष अगर यह व्यवस्था देते हैं कि सरकार 20 तारीख को जवाब देगी तो हमें कोई एतराज नहीं है। हम तो जवाब ही चाहते हैं।’’
हाल ही में एक सभा के दौरान मंत्री मीणा ने उनका फोन टेप होने का आरोप लगाया था। विपक्ष ने सात फरवरी को इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया।
नेता प्रतिपक्ष ने इसके विरोध में राज्यपाल के अभिभाषण पर अपनी बात ही नहीं रखी और सदन में मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान भी कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते रहे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने फोन टैप किये जाने का मुद्दा उठाने पर मीणा को अनुशासनहीनता का नोटिस भेजा जिसका जवाब उन्होंने भेज दिया है।
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