जयपुर, आठ जून राजस्थान के भरतपुर जिले में रविवार को आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर गुर्जर समाज की ‘महापंचायत’ समाप्त होने के कुछ घंटों बाद समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और एक यात्री ट्रेन को रोक दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि बयाना के पीलूपुरा इलाके में कारबारी शहीद स्मारक पर आयोजित महापंचायत समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोग रेल पटरी पर इकट्ठा हुए और वहां से गुजरने वाली एक यात्री ट्रेन को रोक दिया।
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने आरक्षण से संबंधित मुद्दों सहित कई मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए इस महापंचायत का आयोजन किया था।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने महापंचायत के दौरान इन मांगों को लेकर राज्य सरकार की ओर से एक मसौदा जवाब समुदाय के सामने पढ़ा।
समुदाय की मंजूरी के साथ महापंचायत समाप्त कर दी गई।
हालांकि, महापंचायत समाप्त होने के बाद समुदाय के कुछ लोगों ने सरकार की प्रतिक्रिया पर असंतोष व्यक्त किया।
पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) ने बताया कि प्रदर्शनकारी रेल पटरियों पर एकत्र हुए और बयाना शहर के पास फतेहसिंहपुरा में 54794 मथुरा-सवाईमाधोपुर यात्री ट्रेन को रोक दिया।
उन्होंने बताया, “ट्रेन डेढ़ घंटे से रुकी हुई है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), स्थानीय पुलिस और रेलवे व प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं।”
वहीं विजय बैंसला ने कहा कि पूरा समुदाय मांगों पर सरकार के मसौदा जवाब से खुश है।
विजय कई गुर्जर आंदोलन का नेतृत्व कर चुके दिवंगत किरोड़ी सिंह के बेटे हैं।
उन्होंने कहा कि हो सकता है कुछ लोग पटरियों पर गए हो लेकिन वह इस बारे में ज्यादा नहीं बता सकते।
बैंसला ने ‘पीटीआई-’ से कहा, “राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि अति पिछड़े वर्ग (एमबीसी) को दिए जाने वाले पांच प्रतिशत आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाएगा और राज्य मंत्रिमंडल इस संबंध में सिफारिश भेजेगा।”
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